तू कहाँ है? - क्या परमेश्वर आज भी तुम्हें ढूंढ रहा है? | उत्पत्ति 3:9 | घरेलू कलीसिया भक्ति
यह तस्वीर उत्पत्ति 3:9 के उस प्यार भरे क्षण को दिखाती है — जब आदम छिप गया, पर परमेश्वर उसे ढूंढने आया।
विषय : क्या परमेश्वर आज भी हमसे मिलने आकर पुकार रहा है - तू कहाँ है?
मुख्य वचन:
"तब यहोवा परमेश्वर ने पुकार कर आदम से पूछा, तू कहाँ है?" - उत्पत्ति 3:9
प्रभु यीशु की शिक्षा:
"क्योंकि मनुष्य का पुत्र खोए हुओं को ढूंढने और उनका उद्धार करने आया है।" - लूका 19:10
1. परमेश्वर आज भी ढूंढने आता है - यह यीशु की सबसे बड़ी शिक्षा है
बाइबल सिखाती है मनुष्य परमेश्वर को नहीं ढूंढता, परमेश्वर मनुष्य को ढूंढता है।
- "कोई परमेश्वर का खोजी नहीं" - रोमियों 3:11
इसलिए परमेश्वर स्वयं आया:
अ) यीशु खोई हुई भेड़ को ढूंढने आया (लूका 15:4-6)
यशु ने कहा - "यदि किसी की सौ भेड़ें हों और एक खो जाए तो क्या वह निन्यानवे को छोड़कर उस खोई हुई को न ढूंढेगा?" यही उत्पत्ति 3:9 का पूरा होना है।
ब) यीशु दरवाजा खटखटा रहा है (प्रकाशितवाक्य 3:20)
यीशु कहता है - "देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूँ।" अदन में वह बगीचे में पुकार रहा था, आज वह आपके दिल के द्वार पर पुकार रहा है - तू कहाँ है?
स) यीशु अच्छी चरवाहे की तरह नाम लेकर पुकारता है (यूहन्ना 10:3, 14)
"वह अपनी भेड़ों को नाम ले लेकर बुलाता है।" परमेश्वर ने आदम को नाम लेकर पुकारा, आज यीशु आपको नाम लेकर पुकार रहा है।
2. हम आज कहाँ छिप गए हैं? - 3 जगहें और उनके वचन
अ) हम लज्जा और पाप में छिप गए हैं - उत्पत्ति 3:10, भजन 32:3-5।
आदम ने कहा मैं नंगा हूँ इसलिए छिप गया। दाऊद कहता है जब तक मैंने पाप छिपाया मेरी हड्डियाँ सूख गईं।
यीशु की शिक्षा: यीशु ने कहा - "ज्योति जगत में आई और मनुष्यों ने अंधकार को ज्योति से अधिक प्रिय जाना" - यूहन्ना 3:19-20। हम पाप के कारण ज्योति से छिपते हैं।
ब) हम बहानों में छिप गए हैं - उत्पत्ति 3:12, लूका 14:18।
आदम ने हव्वा पर दोष लगाया।
यीशु की शिक्षा: यीशु ने बड़े भोज का दृष्टांत दिया - एक ने कहा मैंने खेत खरीदा है, दूसरे ने कहा बैल खरीदे हैं। सबने बहाने बनाए - लूका 14:18-20। आज भी हम प्रार्थना के लिए यही बहाने बनाते हैं।
स) हम दुनिया की चिंता और व्यस्तता में छिप गए हैं - लूका 10:40-41, मरकुस 4:19।
मार्था रसोई में व्यस्त थी और यीशु को सुनना भूल गई।
यीशु ने कहा - "मार्था, तू बहुत बातों के लिये चिंतित होती है, परन्तु एक ही बात आवश्यक है।"
आज हम मोबाइल, पैसा, नौकरी के पेड़ों में छिपे हैं।
3. छिपने से बाहर कैसे आएं? - यीशु का समाधान।
1. छिपो मत, अंगीकार करो (1 यूहन्ना 1:7, 9 और याकूब 5:16)
वचन कहता है - "यदि हम अपने पापों को मान लें तो वह हमें क्षमा करेगा।"
आदम छिप गया तो वस्त्र खोया, पर जब उड़ाऊ पुत्र ने कहा पिता मैंने पाप किया - लूका 15:21 - तो पिता ने उसे नया वस्त्र पहनाया - लूका 15:22।
2. परमेश्वर से नहीं भाग सकते (भजन 139:7-8)
दाऊद कहता है - "मैं तेरे आत्मा से कहाँ भाग जाऊँ?" यीशु ने कहा खोई हुई दमड़ी को स्त्री ने घर में दिया जलाकर ढूंढा - लूका 15:8। परमेश्वर दिया जलाकर आपको ढूंढ रहा है।
3. रोज बगीचे में वापस आओ (उत्पत्ति 3:8, मत्ती 18:20)
परमेश्वर सांझ के ठंडे समय में आता था।
यीशु ने कहा - "जहाँ दो या तीन मेरे नाम पर इकट्ठे होते हैं वहाँ मैं उनके बीच में हूँ।" रोज शाम को 15 मिनट परिवार के साथ प्रार्थना ही वह बगीचा है।
आज की प्रार्थना (लूका 15:18 के अनुसार):
"हे पिता, मैं स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है। मैं यहाँ हूँ, मैं पेड़ों के पीछे से बाहर आ रहा हूँ।"
आज की घोषणा:
"मैं छिपा हुआ नहीं हूँ, मेरा चरवाहा मुझे नाम लेकर बुलाता है (यूहन्ना 10:3)! मेरा घर परमेश्वर की आवाज सुनता है! हम उड़ाऊ पुत्र की तरह पिता के घर वापस आ गए हैं (लूका 15:20)!"
आज का कार्य:
आज परिवार के साथ लूका 15 अध्याय (खोई हुई भेड़, खोया सिक्का, उड़ाऊ पुत्र) और उत्पत्ति 3 पढ़ो।
शालोम,
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