प्रेरितों 2:46 - पहली कलीसिया का सीक्रेट: रोज एक मन, मंदिर में + घर-घर रोटी तोड़ना - आनंद और सिधाई
घर को
कलीसिया बनाने के 3 स्तम्भ:
1. एक साथ वचन -
जहाँ परमेश्वर बोलता है ।
घरेलू
कलीसिया में एक ही व्यक्ति अगुवा नहीं होता । पिता वचन पढ़ता है, माँ वचन समझाती है, बच्चे सवाल पूछते हैं ।
व्यवस्थाविवरण 6:7 कहता है वचन को उठते-बैठते, चलते-फिरते सिखाओ । एक घर जहाँ रोज़ 15 मिनट वचन पर
बात होती है, वह घर कभी भटकेगा नहीं । वह परिवार की रोज़ की
रोटी है ।
2. एक साथ रोटी
तोड़ना - जहाँ प्रेम दिखता है ।
प्रेरितों
के काम 2:46 कहता है वे घर-घर रोटी तोड़ते थे । इसका
अर्थ है - साथ खाना, साथ जीना । आज के घरों में सब
अलग-अलग मोबाइल पर खाना खाते हैं । घरेलू कलीसिया वापस एक मेज पर आती है । एक साथ
खाना, एक दूसरे को सुनना, एक दूसरे को
क्षमा करना - यही प्रभु भोज का असली अर्थ है । जहाँ प्रेम नहीं, वहाँ कलीसिया नहीं ।
3. एक साथ
प्रार्थना - जहाँ चमत्कार होते हैं ।
प्रेरितों
के काम 12 में पतरस जेल में था, और घर में
कलीसिया प्रार्थना कर रही थी - और जेल के दरवाजे खुल गए । आपकी प्रार्थना आपके घर
की दीवारों तक सीमित नहीं है । जब आपका घर प्रार्थना करता है, तो आपके बच्चों की जेल खुलती है, आपकी बीमारी की जेल
खुलती है, आपके कर्ज की जेल खुलती है ।
आज
परमेश्वर आपसे क्या कह रहा है?
मत कहो "हमारे पास
जगह नहीं है ।" परमेश्वर को जगह नहीं, हृदय चाहिए । मत
कहो "हमें बाइबल आती नहीं ।" पवित्र आत्मा तुम्हारा शिक्षक है । आज से
ही शुरू करो । आज ही आपका घर कलीसिया है ।
आज की
प्रार्थना: पिता, धन्यवाद कि
तूने मेरे घर को अपनी कलीसिया के रूप में चुना है । आज से मेरा घर सिर्फ मेरा घर
नहीं, तेरा घर है । यहाँ तेरा वचन बोला जाएगा, तेरा प्रेम दिखाया जाएगा, और तेरी प्रार्थना की
जाएगी । मेरे घर को शहर के लिए ज्योति बना । यीशु के नाम में, आमीन ।
आज की
घोषणा: अपने घर के बीच में खड़े होकर कहें - "मेरा घर परमेश्वर की कलीसिया है! यहाँ से आशीष निकलेगी!"
आज का
काम: आज रात अपने पूरे परिवार के साथ एक साथ बैठकर
भोजन करें । भोजन से पहले वचन का एक पद पढ़ें और एक साथ प्रार्थना करें ।
मुख्य वचन: प्रेरितों 2:46 का गहरा अध्ययन
1. "और प्रतिदिन" - Daily ChristianitySunday Christianity नहीं, Daily! आज हम हफ्ते में एक बार, वे रोज। पुनरुत्थान की शक्ति रोज ताजा थी।
2. "एक मन होकर" - Homothymadon (होमोथुमाडॉन)यूनानी शब्द - एक ही जुनून, एक ही धड़कन। 11 बार प्रेरितों में आया।फूट नहीं, एक मन - प्रेरितों 1:14 में प्रार्थना में, 2:1 में पिन्तेकुस्त में, 2:46 में रोटी तोड़ने में।आज जाति, भाषा, डिनॉमिनेशन में बंटे हैं, वे एक मन थे।
3. "मन्दिर में इकट्ठे होते थे" - बड़ी सभा (Temple)यरूशलेम मंदिर के सुलैमान के ओसारे में (3:11, 5:12) - हजारों की सार्वजनिक गवाहीआज का Sunday Service - वचन, आराधना, चमत्कार
4. "और घर-घर रोटी तोड़ते हुए" - छोटी संगति (House to House)
यह 2 बातें: प्रभु भोज + साथ खाना (Agape Feast)
घर-घर - 3000 लोग एक घर में नहीं समाते, इसलिए घर-घर कलीसिया (House Church)
रोमियों 16:5 "उनके घर की कलीसिया", कुलुस्सियों 4:155. "आनन्द और मन की सिधाई से" - दो हृदय के गुणआनन्द (Agalliasis) - अतिआनंद, उछलता हुआ आनंद - पवित्र आत्मा का फलमन की सिधाई (Afelotes) - बिना मिलावट, साधारण दिल, कोई दिखावा नहीं, चालाकी नहीं। बच्चों जैसा दिल।
भोजन किया करते थे - सुसमाचार पेट से भी जुड़ा है!
परिणाम: प्रेरितों 2:47
"और प्रभु उद्धार पाने वालों को प्रतिदिन उन में मिला देता था"
जब कलीसिया मंदिर + घर में एक मन से आनंद से जीती है, तो परमेश्वर खुद वृद्धि देता है।
आज के लिए 3 Application:रोज वचन में एक मन - WhatsApp प्रार्थना ग्रुप
घर-घर संगति शुरू करो - हफ्ते में एक घर में रोटी तोड़ोसिधाई से जियो - कोई पाखंड नहीं
शालोम,
- P. R. Jharbade

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