जब परमेश्वर तुम्हारे घर का नाम बदलता है - प्रकाशितवाक्य 2:17 | नया नाम जो कोई नहीं जानता | New Name Revelation 2:17 Hindi
"अब से तू याकूब नहीं, इस्राएल कहलाएगा।" (उत्पत्ति 32:28)
"मैं उसे एक नया नाम दूँगा।" (प्रकाशितवाक्य 2:17)
प्रकाशितवाक्य 2:17 + यशायाह 62:4 - "तू फिर त्यागी हुई न कहलाएगी, तेरा देश फिर उजाड़ा हुआ न कहलाएगा, परन्तु तू हेप्सीबा कहलाएगी।"
आज का संदेश: परमेश्वर पता नहीं, पहचान बदलता है। कल हमने नया महीना पाया, आज परमेश्वर नया नाम दे रहा है। बाइबल के इतिहास में परमेश्वर ने कभी किसी के घर का नक्शा नहीं बदला, पहले उसका नाम बदला है।
1: लोग तुम्हारे घर को क्या कहते हैं?
समाज नाम रख देता है - "उसका घर तो झगड़े वाला घर है, कर्ज वाला घर है, बीमारी वाला घर है।" जैसे याबेस को दुःख का कारण कहा गया।
2: परमेश्वर नाम कैसे बदलता है?
अब्राम से अब्राहम (उत्पत्ति 17:5) याकूब से इस्राएल (उत्पत्ति 32:28) तुम्हारे घर को भी नया नाम देगा - श्वेत पत्थर = निर्दोष ठहराना, नया नाम = नई पहचान
3: नए नाम का मतलब क्या है?कलह का घर -> शालोम (शांति) का घरकर्ज का घर -> यहोवा यिरे (प्रबन्ध करने वाले) का घरबीमारी का घर -> यहोवा राफा (चंगाई) का घर
अब्राम का नाम बदलकर अब्राहम किया - तब वह पिता बना। सारै का नाम बदलकर सारा किया - तब वह राजमाता बनी। याकूब का नाम बदलकर इस्राएल किया - तब वह एक जाति बना। शमौन का नाम बदलकर पतरस (पत्थर) किया - तब वह कलीसिया बना।
आपके घर को लोग क्या कहते हैं? "झगड़े वाला घर, बीमारी वाला घर, कर्ज वाला घर, श्रापित घर।" पर आज स्वर्ग से आपके घर का नया नाम आ रहा है।
जब परमेश्वर तुम्हारे घर का नाम बदलता है - प्रकाशितवाक्य 2:17 - "जो जय पाए, उस को मैं गुप्त मन्ना में से दूँगा, और उसे एक श्वेत पत्थर भी दूँगा; और उस पत्थर पर एक नया नाम लिखा हुआ होगा, जिसे पाने वाले के सिवाय और कोई न जानता हो।" जानिए कैसे परमेश्वर आपके घर का नाम - कलह, कर्ज, बीमारी से बदलकर - शांति, आशीष और हेप्सीबा करता है।
बाइबल के इतिहास से 3 नाम-परिवर्तन:
1. याबेश का घर - दर्द से महिमा तक (1 इतिहास 4:9-10)
याबेश का नाम ही 'दर्द' था। उसकी माँ ने कहा - मैंने उसे दुःख में जन्मा। पूरा जीवन लोग कहते थे - यह तो दर्द है। पर एक दिन याबेश ने प्रार्थना की - "हे परमेश्वर, मुझे सचमुच आशीष दे!" और वचन कहता है - "परमेश्वर ने उसकी विनती पूरी की" दर्द नाम का व्यक्ति, प्रार्थना से इस्राएल का सबसे प्रतिष्ठित व्यक्ति बन गया।
आपके लिए: आपके घर का इतिहास चाहे दर्द से शुरू हुआ हो, पर उसका अंत महिमा से होगा।
2. लोदबार से मफीबोशेत का घर - भुलाया हुआ से राजमेज तक (2 शमूएल 9:7)
मफीबोशेत का नाम का अर्थ था - शर्म की बात। वह लोदबार में रहता था, लोदबार का अर्थ है - "बिना चरागाह की जगह" - जहाँ कुछ नहीं उगता। लंगड़ा, भुलाया हुआ, राजा से छुपा हुआ। पर एक दिन दाऊद ने कहा - उसे मेरे महल में लाओ, वह अब से राजा की मेज पर खाएगा।
आपके लिए: आप शायद सोचते हैं आप लोदबार में हैं - जहाँ कोई फल नहीं, कोई भविष्य नहीं। आज दाऊद का वंशज यीशु कह रहा है - मैं तुम्हें राजमेज पर बिठाऊँगा। तुम्हारा घर लोदबार नहीं, राजभवन कहलाएगा।
3. ईकाबोद से एबेनेज़र तक (1 शमूएल 4:21 और 7:12)
जब परमेश्वर का संदूक गया तो लोगों ने कहा - ईकाबोद! अर्थात महिमा जाती रही। पर 20 साल बाद उसी जगह शमूएल ने पत्थर खड़ा करके कहा - एबेनेज़र! अर्थात यहाँ तक यहोवा ने हमारी सहायता की है। जहाँ ईकाबोद था, वहीं एबेनेज़र बन गया।
आपके लिए: जहाँ आपके घर में लोग कहते थे महिमा चली गई, वहीं परमेश्वर एबेनेज़र खड़ा करेगा।
आज की प्रार्थना: पिता, आज मेरे घर का पुराना नाम मिटा दे। हर श्राप, हर ताना, हर लेबल जो दुनिया ने दिया है - उसे यीशु के लहू से धो दे। आज से मेरा घर ईकाबोद नहीं, एबेनेज़र कहलाएगा। मेरा घर दर्द नहीं, प्रतिष्ठित कहलाएगा। यीशु के नाम में, आमीन।
आज की घोषणा: अपने घर पर हाथ रखकर कहें - "मेरे घर का पुराना नाम आज मिट गया है! अब से मेरा घर आशीषित घर कहलाएगा, चंगा घर कहलाएगा, प्रार्थना का घर कहलाएगा! मैं याकूब नहीं, इस्राएल हूँ!"
आज का कार्य: आज एक कागज पर अपने घर के बारे में बोले गए सभी नकारात्मक नाम लिखें - कर्ज, लड़ाई, बीमारी। फिर उसे फाड़कर जला दें। दूसरे कागज पर 3 नए नाम लिखें - "एबेनेज़र - परमेश्वर ने यहाँ तक सहायता की, यहोवा-शम्मा - परमेश्वर यहाँ है, यहोवा-शालोम - यह शांति का घर है" और उसे अपने घर की दीवार पर चिपका दें।
शालोम,
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