दशहरे पर रानी एस्तेर की कहानी: जब परमेश्वर ने पर्दे के पीछे छुटकारा दिया - बुराई पर अच्छाई की जीत - एस्तेर 4:14

भारत में दशहरे पर बुराई पर अच्छाई की जीत मना रहे हैं। जानिए बाइबल में रानी एस्तेर ने उपवास और प्रार्थना से कैसे अपने लोगों को बचाया। परमेश्वर आज भी कार्य करता है।
एस्तेर का उपवास और साहस  - एस्तेर 4:14
शालोम, अतिप्रिय प्रार्थना योद्धाओ!

देश भर में जब देवी आराधना और दशहरा - बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाया जा रहा है, तब परमेश्वर के वचन में से रानी एस्तेर की कहानी हमें एक गहरी सच्चाई सिखाती है।

मुख्य वचन: एस्तेर 4:14 - "कौन जाने इस ही समय के लिये तू राजपद को प्राप्त हुई है?"

1. संकट - फारस में

हामान ने यहूदियों को नष्ट करने की योजना बनाई। ठीक वैसे ही जैसे आज बुराई हमारे चारों ओर दिखती है। एस्तेर, जो एक यहूदी अनाथ लड़की थी, परमेश्वर की योजना से फारस की रानी बनी थी।

2. हथियार - उपवास और प्रार्थना

एस्तेर राजा के पास तलवार लेकर नहीं गई। उसने कहा:

"तीन दिन रात मेरे लिये उपवास करो... तब मैं राजा के पास जाऊँगी, और यदि नष्ट हो गई तो हो जाऊँ।" - एस्तेर 4:16

यही प्रार्थना योद्धा की पहचान है - पहले घुटनों पर, फिर मैदान में।

3. परमेश्वर का अदृश्य हाथ

एस्तेर की पूरी पुस्तक में परमेश्वर का नाम एक बार भी नहीं आता, पर हर अध्याय में उसका हाथ दिखता है। राजा का नींद न आना, सही समय पर दस्तावेज़ पढ़ा जाना, एस्तेर को अनुग्रह मिलना - सब परमेश्वर की योजना थी।

4. जीत - पूरिम का उत्सव

एस्तेर की प्रार्थना और साहस से यहूदियों को छुटकारा मिला। यह दिन पूरिम के नाम से आज भी मनाया जाता है - अच्छाई की बुराई पर जीत। 

दशहरा और एस्तेर में क्या संबंध? - अधर्म पर धर्म की जीतकहानी: फारस का राजा, रानी वशती और एस्तेर का चुनावसंकट: हमान - दशहरे के रावण जैसा खलनायक परमेश्वर का पर्दे के पीछे काम - एस्तेर में परमेश्वर का नाम क्यों नहीं? मोर्दकै का संदेश - एस्तेर 4:14 - ऐसे ही समय के लिए एस्तेर का उपवास और साहस - यदि मैं नष्ट हो गई तो हो गईछुटकारा - फांसी के फंदे पर हमान ही लटकादशहरे के लिए शिक्षा: तुम्हें भी ऐसे ही समय के लिए रखा गया है

आज हमारे लिये संदेश:

आप इस समय के लिये चुने गये हैं - अपने परिवार और देश के लिये।

आपका सबसे बड़ा हथियार प्रार्थना है।

परमेश्वर पर्दे के पीछे भी आपके लिये कार्य कर रहा है।

प्रार्थना: "हे पिता, हमें एस्तेर जैसा उपवास, प्रार्थना और साहस का हृदय दे। हमारे देश में तेरी शांति और अच्छाई की जीत हो। आमीन।"

शालोम,

पढ़ते रहिये - www.prarthnayoddha.com

Comments

Popular posts from this blog

श्राप को तोड़ना /आध्यात्मिक मलयुद्ध / Spiritual Warfare

चौथी वाणी "हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया"

पाप का दासत्व क्या है? पाप परमेश्वर की व्यवस्था का उल्लंघन है | 1 यूहन्ना 3:4 - पाप से छुटकारा कैसे पाएं?