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पौलुस का 9वां पत्र कुलुस्सियों: मसीह सब कुछ है! झूठी शिक्षा के खिलाफ सर्वोच्चता का ऐलान (कुलु 1:15-20)

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जेल में पौलुस लिख रहा है, ऊपर ब्रह्मांड के सृष्टिकर्ता मसीह का तेज - कुलुस्से शहर पीछे। संदेश: छोटी कलीसिया, बड़ा मसीह!   "जैसे तुमने मसीह यीशु को प्रभु करके ग्रहण किया, वैसे ही उसी में चलते रहो; उसी में जड़ पकड़े हुए और उसी में बढ़ते हुए, और विश्वास में दृढ़ होते जाओ।" - कुलुस्सियों 2:6-7,  पौलुस का नौवां पत्र कुलुस्सियों को - पौलुस ने कभी कुलुस्से देखा भी नहीं था, पर जेल से लिखा। वहाँ लोग कह रहे थे "यीशु + कुछ और चाहिए"। जानिए 4 अध्यायों में पौलुस ने कैसे बताया - मसीह ही सब कुछ है, उसी में सब परिपूर्णता है। परिचय: लगभग 60-62 ईस्वी, रोम की जेल से 4 जेल पत्रों में से एक। कुलुस्से - लाओदीकिया के पास छोटा शहर, इपफ्रास ने कलीसिया शुरू की (1:7)। समस्या: Gnosticism - "यीशु ठीक है पर स्वर्गदूत, नियम, ज्ञान भी चाहिए"। मुख्य वचन: कुलुस्सियों 1:16-17 "क्योंकि उसी में सारी वस्तुओं की सृष्टि हुई... सब वस्तुएं उसी में स्थिर रहती हैं" 4 अध्यायों का सार: अध्याय 1: मसीह की सर्वोच्चता - सृष्टि में (Christ Supreme in Creation) धन्यवाद और प्रार्थना (1:3-14) - इप...