जब परमेश्वर तुम्हारे आँसुओं को बोतल में नहीं, किताब में लिखता है। जब सब साथ छोड़ दें तो भजन संहिता 56:8 कैसे थाम लेता है।
मुख्य वचन: "तू ने मेरे भटकने को गिन रखा है; तू मेरे आँसुओं को अपनी कुप्पी में रख ले। क्या वे तेरी पुस्तक में लिखे नहीं हैं?" - (भजन संहिता 56:8)
प्रस्तावना: आँसू जो जमीन पर गिरते हैं, स्वर्ग में गिने जाते हैं। दुनिया आपके आँसुओं को कमजोरी कहती है, पर परमेश्वर उन्हें गवाही कहता है। मनुष्य आपके आँसुओं को भूल जाता है, पर परमेश्वर उन्हें बोतल में जमा करता है। सितंबर के ये 3 दिन - नया महीना, नया नाम, नया द्वार - आज चौथे दिन परमेश्वर कह रहा है - अब मैं तुम्हारे रोने का हिसाब करूँगा।
भाग 1: बाइबल के इतिहास में 3 आँसुओं के भंडार
1. हाजिरा के आँसू - रेगिस्तान में कुआँ बन गए (उत्पत्ति 21:16-19) हाजिरा अपने बेटे इश्माएल को मरते हुए नहीं देख सकी, इसलिए दूर जाकर रोने लगी, कोई सुनने वाला नहीं था। पर वचन कहता है - परमेश्वर ने लड़के की आवाज सुनी। और उसी क्षण परमेश्वर ने हाजिरा की आँखें खोलीं और उसे एक कुआँ दिखा। जहाँ आँसू गिरे, वहीं से जीवन का जल निकला।
आपके लिए: जहाँ आप सबसे ज्यादा रोए हैं, वहीं से आपका कुआँ निकलेगा। आपका रोने का स्थान, आपके पीने का स्थान बनेगा।
2. हन्ना के आँसू - पूरे राष्ट्र की नियति बदल दी (1 शमूएल 1:10-20) हन्ना मंदिर में फूट-फूट कर रो रही थी, होंठ हिल रहे थे, आवाज नहीं निकल रही थी, एली ने सोचा वह नशे में है। पर वह नशे में नहीं, दर्द में थी। उसने कहा - प्रभु, यदि तू दासी के दुःख पर दृष्टि करे। और बाइबल कहती है - परमेश्वर ने हन्ना को स्मरण किया। उसी आँसू से शमूएल पैदा हुआ - जिसने पूरे इस्राएल का इतिहास बदल दिया।
आपके लिए: आपके बंद कमरे के आँसू बेकार नहीं हैं । हन्ना का रोना, पूरे देश के लिए नबी पैदा कर सकता है।
3. यीशु के आँसू - जो कब्र को खोल गए (यूहन्ना 11:33-44) यीशु लाजर की कब्र पर रोया।
बाइबल का सबसे छोटा वचन - "यीशु रोया।" वह जानता था कि वह लाजर को जिलाएगा, फिर भी रोया। क्यों? क्योंकि परमेश्वर आपके दर्द को सिर्फ ठीक नहीं करता, वह उसे महसूस करता है। और जहाँ यीशु रोया, वहीं लाजर जिंदा हो गया।
आपके
लिए: आपका लाजर आपका मरा हुआ व्यापार, रिश्ता, स्वास्थ्य - यीशु के आँसू के बाद ही जिंदा
होगा।
भाग 2: आज आपके घर के लिए परमेश्वर का न्याय
भजन 56:8 में दो बातें हैं:
1. कुप्पी में आँसू - परमेश्वर गवाह है।
2. पुस्तक में हिसाब - परमेश्वर न्यायी है।
आज परमेश्वर कह रहा है - बेटा, मैंने तेरे अगस्त के हर आँसू को गिना है। रात में तकिये पर, रसोई में अकेले, बस में जाते हुए - मैंने एक भी आँसू जमीन पर गिरने नहीं दिया। और अब मैं पुस्तक खोल रहा हूँ। जहाँ-जहाँ आँसू लिखा है, वहाँ-वहाँ मैं "आनंद" लिखूँगा। "जो आँसू बहाते हुए बोते हैं, वे जयजयकार करते हुए लवेंगे।" - (भजन 126:5)
भाग 3: आज की प्रार्थना
अपने परिवार के साथ कहें: "हे मेरे आँसुओं को गिनने वाले पिता। आज तक मैंने सोचा मेरा रोना किसी ने नहीं देखा। पर आज तेरा वचन कहता है - तूने मेरे हर भटकने को गिना है। आज मैं अपनी कुप्पी तुझे देता हूँ। मेरे हर आँसू को ले ले और उसे अभिषेक के तेल में बदल दे। जैसे तूने हाजिरा को कुआँ दिखाया, हन्ना को पुत्र दिया, लाजर को जिलाया, वैसे ही मेरे आँसुओं के बदले मुझे दुगनी आशीष दे। मैं अब नहीं रोऊँगा, मैं गवाही दूँगा। यीशु के नाम में, आमीन।"
भाग 4: आज की घोषणा अपनी आँखों पर हाथ रखकर 3 बार कहें: "मेरे आँसू गिने गए हैं! मेरी कुप्पी भर गई है! अब मेरी पुस्तक खुलेगी! आज से मेरा रोना खत्म, मेरी कटनी शुरू! मेरा घर आँसुओं का नहीं, जयजयकार का घर कहलाएगा!"
तो आज परमेश्वर तुमसे क्या कह रहा है?
मेरे प्रिय भाई/बहन, परमेश्वर तुम्हें आज कह रहा है - "बेटा/बेटी, बोतल को देखना बंद करो। वो बोतल तुम्हारा बीता हुआ कल है। अब मैं तुम्हारी किताब लिख रहा हूँ और इस किताब का आखिरी पन्ना आँसुओं से नहीं, आनंद से खत्म होगा।"
भजन संहिता 30:5 कहता है - "रात भर तो रोना बना रह सकता है, पर सवेरे आनंद आता है।"
तुम्हारी रात चाहे कितनी भी लंबी क्यों न हो, तुम्हारी किताब में सवेरा जरूर लिखा गया है।
आज ही यह प्रार्थना करें:
पिता परमेश्वर, मैं अपने सारे आँसू, अपना सारा दर्द, अपनी सारी टूटन आज तेरे हाथों में देता हूँ। मेरी बोतल को ले ले और उसके बदले में मेरी किताब में आनंद, शांति और नई आशा लिख दे। यीशु के नाम में, आमीन।
भाग 5: आज का कार्य - परिवार के लिए प्रार्थना: आज शाम परिवार के सब सदस्य एक साथ बैठें और एक दूसरे के लिए हाथ रखकर प्रार्थना करें: "प्रभु, मेरे परिवार के हर आँसू को तूने देखा है। आज हम एक-दूसरे के आँसुओं को नहीं, आनंद को घोषित करते हैं। हमारा घर अब रोने का नहीं, गवाही का घर कहलाएगा। यीशु के नाम में, आमीन।"
शालोम,
आपको यह वचन कैसा लगा? कमेंट में अपनी गवाही जरूर लिखें।
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