जब घर में वेदी बनती है: नूह ने यहोवा के लिये वेदी बनाई (उत्पत्ति 8:20)
मुख्य वचन: "नूह ने यहोवा के लिये एक वेदी बनाई।" (उत्पत्ति 8:20) ये बाइबिल में पहली बार "वेदी" शब्द का प्रयोग है। नया जीवन वेदी से शुरू।
"अब्राहम
ने... वहाँ यहोवा के लिये एक वेदी बनाई।" (उत्पत्ति 12:7)
शिक्षा:
कलीसिया बिल्डिंग से नहीं, वेदी से बनती है।
आज बहुत लोग सोचते हैं
कि कलीसिया जाने के लिए बड़ी बिल्डिंग चाहिए, माइक चाहिए,
कुर्सियाँ चाहिए। पर बाइबल की पहली कलीसिया बिल्डिंग नहीं थी -
वेदी थी। जहाँ-जहाँ परमेश्वर के लोगों ने वेदी बनाई, वहाँ
परमेश्वर उतर आया।
1. प्रार्थना की
वेदी - जहाँ स्वर्ग जमीन से जुड़ता है।
उत्पत्ति
28 में याकूब ने एक पत्थर पर सिर रखकर सोया और वहाँ वेदी बनाई। वह जगह
बेतेल कहलाई - परमेश्वर का घर। आपके घर में प्रार्थना का एक कोना होना चाहिए। एक
समय होना चाहिए जहाँ पूरा परिवार एक साथ घुटने टेके। 15
मिनट की पारिवारिक प्रार्थना 15 घंटे के अकेले रोने से बेहतर
है। जब घर में प्रार्थना की वेदी जलती है, तो घर में अंधेरा
नहीं टिकता।
2. वचन की वेदी
- जहाँ मन बदला जाता है।
व्यवस्थाविवरण
6:6-7 कहता है - "ये वचन जो मैं आज तुझे सुनाता हूँ वे तेरे हृदय में रहें; और तू इन्हें अपने बाल-बच्चों को सिखाया करना।" इजराइली लोग वचन को
दरवाजे पर, माथे पर, हाथ पर रखते थे।
क्यों? क्योंकि जो घर वचन पर बनता है, वह
कभी गिरता नहीं (मत्ती 7:24)।
आज
सवाल है - आपके घर में WhatsApp ज्यादा खुलता है या बाइबल? घरेलू कलीसिया वह है जहाँ
रोज़ वचन पढ़ा और सिखाया जाता है।
3. भेंट की वेदी
- जहाँ मैं खुद को देता हूँ।
रोमियों
12:1 कहता है अपने शरीरों को जीवित बलिदान करके चढ़ाओ।
नूह
ने वेदी पर जानवर नहीं, अपना धन्यवाद चढ़ाया । अब्राहम
ने अपना बेटा तक चढ़ा दिया।
वेदी
का अर्थ है - "प्रभु, यह घर
मेरा नहीं, तेरा है । मेरा समय, मेरा
पैसा, मेरे बच्चे - सब तेरे हैं।"
जब तक हम अपने घर को
परमेश्वर को नहीं देते, परमेश्वर उस घर को इस्तेमाल
नहीं करता।
आज से
क्या करें?
नूह, अब्राहम, याकूब की तरह आज अपने घर में एक वेदी बनाएं।
व्यावहारिक
तरीका:
- एक जगह तय करें: घर का एक कोना जहाँ बाइबल
रहेगी।
- एक समय तय करें: रोज़ सुबह 6 बजे या रात 9 बजे - 20 मिनट -
पूरा परिवार।
- एक नियम तय
करें: कोई भी दिन बिना प्रार्थना और वचन के खत्म नहीं
होगा।
जब आपके घर में वेदी
बनेगी,
तो उत्पत्ति 8:21 जैसा होगा - "यहोवा ने सुखदायक सुगंध को सूंघा।" और परमेश्वर आपके परिवार पर ऐसी
आशीष देगा जो पीढ़ियों तक जाएगी।
आज की
प्रार्थना: पिता, आज मैं अपने
घर को तेरे लिए वेदी बनाता/बनाती हूँ । आज से यह घर सिर्फ रहने की जगह नहीं,
प्रार्थना का घर कहलाएगा । इस वेदी की आग कभी बुझने न पाए। यीशु के
नाम में, आमीन।
शालोम,
- P. R. Jharbade

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