शुद्धिकरण क्या है? - मुझसे ऊँचे होकर मुझे देख, मैं तुझे शुद्ध करूँगा, तू हिम से अधिक श्वेत होगा | भजन संहिता 51:7
जब परमेश्वर घर को धोता नहीं, नया बनाता है।
"मुझसे
ऊँचे होकर मुझे देख, मैं तुझे शुद्ध करूँगा, तू हिम से भी अधिक श्वेत होगा।" "जूफा से मुझे शुद्ध कर, तो मैं शुद्ध हो जाऊंगा; मुझे धो, तो मैं हिम से अधिक श्वेत बनूंगा।" (भजन संहिता 51:7)
साफ
करना मनुष्य का काम है - धूल हटाना।
शुद्ध
करना परमेश्वर का काम है - जड़ हटाना।
आज
तुम्हारे घर में सिर्फ झाड़ू नहीं लगेगी, वेदी जलेगी।
क्योंकि जहाँ पाप, बीमारी, कर्ज, लड़ाई का धुआं
रह गया है, वहाँ परमेश्वर आज आग से शुद्ध करेगा।
भाग 1: बाइबल में 3 शुद्धिकरण जो घर बदल गए
1. याकूब का घर
- मूर्तियाँ निकाली गईं, वेदी बनी (उत्पत्ति 35:2-3)
याकूब
ने कहा - अपने बीच के पराये देवताओं को निकाल दो, अपने आप को शुद्ध करो, और कपड़े बदल डालो। जिस
दिन घर से मूर्तियाँ निकलीं, उसी दिन बेतेल की वेदी फिर से
जगी।
आपके
लिए: जब तक घर से छुपी अशुद्धता नहीं निकलेगी, नई आशीष नहीं आएगी।
2.
अय्यूब का घर - राख से उठकर फिर से
बना (अय्यूब 42:10-12) अय्यूब राख में बैठा था। सब कुछ जल
गया था। पर जब परमेश्वर ने उसे शुद्ध किया, तो परमेश्वर ने
उसके बाद के दिनों को पहले से दुगना आशीषित किया।
आपके
लिए: तुम्हारा जो कुछ जला है, परमेश्वर उसे राख से नहीं, सोने से लौटाएगा।
3. यीशु का
मंदिर - कोड़े से शुद्ध किया (यूहन्ना 2:15-16) यीशु ने मंदिर में व्यापारियों को निकाल दिया।
उसने
कहा - मेरे पिता के घर को व्यापार का घर मत बनाओ।
परमेश्वर आज तुम्हारे घर से व्यापार नहीं, पर सौदेबाजी
को निकालेगा - जहाँ प्रेम का सौदा, प्रार्थना का सौदा होता
है।
आपके
लिए: जहाँ यीशु कोड़ा मारता है, वहाँ बरकत के लिए जगह बनती है।
भाग 2: आज तुम्हारे घर के लिए शुद्धिकरण का वचन
शुद्धिकरण
के 3 चरण हैं -
1. रक्त से शुद्धिकरण - पाप धुलता है (1 यूहन्ना 1:7)।
2. आग से शुद्धिकरण - आदतें जलती हैं
(मलाकी 3:2-3)।
3. वचन से
शुद्धिकरण - मन नया होता है (यूहन्ना 15:3)।
आज
परमेश्वर कह रहा है - मैं तुम्हारे घर को तीनों से
शुद्ध करूँगा। जो रक्त से नहीं धुला, वो आग से
जलेगा, और जो आग से नहीं जला, वो वचन
से बदलेगा।
मुख्य वचन: भजन 51:7 - दाऊद का पाप के बाद पश्चाता
पभूमिका: शुद्धिकरण - परमेश्वर ऊपर से देखता हैआपने लिखा - "मुझसे ऊँचे होकर मुझे देख" - यही शुद्धिकरण का रहस्य है। हम नीचे से अपने पाप को देखते हैं - छोटा लगता है। परमेश्वर ऊपर से देखता है - वह जानता है गंदगी कितनी गहरी है, इसलिए वह ऊपर से धोता है।
1. शुद्धिकरण की आवश्यकता - दाऊद का पाप (2 शमूएल 11)दाऊद ने व्यभिचार किया, हत्या की। एक साल तक चुप रहा। पाप अंदर सड़ गया।तब नातान आया। दाऊद टूटा - भजन 51 लिखा। शुद्धिकरण पाप को छिपाने से नहीं, मानने से शुरू होता है।
2. शुद्धिकरण का साधन - जूफा (Hyssop) क्या है?जूफा - एक छोटा पौधा। मिस्र में फसह के दिन इसी से लहू चौखट पर लगाया गया - निर्गमन 12:22
कोढ़ी को शुद्ध करने में भी जूफा - लैव्यव्यवस्था 14:4
अर्थ - शुद्धिकरण मेरे प्रयास से नहीं, लहू से होता है। जूफा क्रूस का चिन्ह है - छोटा, तुच्छ, पर लहू को लगाने वाला। यीशु को भी जूफा पर सिरका दिया गया - यूहन्ना 19:29
3. शुद्धिकरण का परिणाम - हिम से अधिक श्वेतपरमेश्वर सिर्फ माफ नहीं करता, श्वेत करता है। यशायाह 1:18 - "चाहे तुम्हारे पाप लाल रंग के हों, तौभी वे हिम के समान श्वेत हो जाएंगे।
"हिम से अधिक श्वेत - मतलब? हिम तो सफेद है, पर थोड़ी देर में गंदा हो जाता है। परमेश्वर ऐसा श्वेत करता है जो फिर गंदा नहीं होता - 1 यूहन्ना 1:7 - "यीशु के लहू से हम सब पापों से शुद्ध होते हैं।"
4. आज कैसे शुद्ध हों? 1 यूहन्ना 1:9 - "यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह विश्वासयोग्य और धर्मी है, हमारे पापों को क्षमा करेगा, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करेगा।"
3 कदम: मान लो (Confess), विश्वास करो (Believe), छोड़ दो (Forsake) - नीतिवचन 28:13
प्रार्थना: "पिता, जूफा अर्थात यीशु के लहू से मुझे धो, मैं हिम से अधिक श्वेत बन जाऊं। मेरे अंदर शुद्ध हृदय उत्पन्न कर - भजन 51:10"
भाग 3: आज की प्रार्थना - परिवार के साथ
एक
साथ कहें: "हे पवित्र आत्मा, आज
हमारे घर में आ। हम अपने घर के हर कोने को तेरे लहू से शुद्ध करते हैं। जो
मूर्ति, जो कड़वाहट, जो अशुद्ध बात
हमने घर में रखी है, उसे आज हम निकालते हैं। हमारे घर को फिर
से बेतेल बना - जहाँ स्वर्ग का द्वार खुले। यीशु के नाम में, आमीन।"
भाग 4: आज की घोषणा
अपने
घर के दरवाजे पर हाथ रखकर 3 बार कहें: "मेरा घर शुद्ध किया गया है! मेरे घर की हर दीवार, हर
छत, हर कोना यीशु के लहू से धोया गया है! आज से मेरा घर
अशुद्ध नहीं, पवित्र आत्मा का मंदिर कहलाएगा!"
भाग 5: आज का कार्य - परिवार के लिए प्रार्थना
आज
परिवार के हर सदस्य के माथे पर थोड़ा सा तेल लगाकर प्रार्थना करें: "जैसे हारून को तेल से शुद्ध किया गया, वैसे ही मैं
तुझे आज शुद्ध करता हूँ। तेरा मन, तेरी आँखें, तेरे कान शुद्ध हों। तू आज से पाप के लिए नहीं, पवित्रता
के लिए जिएगा। यीशु के नाम में, आमीन।"
शालोम,
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