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पवित्र आत्मा पाने की बाईबिल की विधि भाग 6

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 अध्याय 6  पवित्र आत्मा पाने की बाईबिल की बिधि पवित्र आत्मा पाना पूरी तरह से विश्वास की क्रिया है। जो व्यक्ति पाना चाहता है उसकी सहायता करने के लिए मेरे पास कई सुझाव है।  पहला, यह देखने में उस व्यक्ति की सहायता कीजिए कि परमेश्वर ने पहले ही पिन्तेकुस्त के दिन पवित्र आत्मा दे दिया है। उसी समय से पवित्र आत्मा इस संसार में है। उस व्यक्ति की यह जानने में सहायता करें कि पवित्र आत्मा का दान स्वीकार करना पूरी तरह उस पर निर्भर करता है। उसे परमेश्वर से भीख नहीं मांगनी है कि वह उसे पवित्र आत्मा से भर दे। सारी भीख मांगना अविश्वास है। अविश्वास भीख मांगता है। विश्वास चिल्लाता है।  दूसरा, उस व्यक्ति की यह देखने में अगुवाई करें। कि जो कोई भी उद्धार पा चुका हैं, वह पवित्र आत्मा पाने के लिए तैयार हैः  प्रेरितों के काम 2ः38 38 पतरस ने उन से कहा, मन फिराओ, और तुम में से हर एक अपने अपने पापों की क्षमा के लिए यीशु मसीह के नाम से बपतिस्मा लेः तो तुम पवित्र आत्मा का दान पाओगे।  हमने पूर्ण सुसमाचारीय ईश शास्त्र में बहुत से मनुष्य के बनाए हुए सिद्धान्तों को मिला लिया है। कुछ लोग सो...

पवित्र आत्मा पाने की बाईबिल की विधि भाग 5

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 अध्याय 5  ‘आओ और पियो’ यूहन्ना 7ः37-39:  37 फिर पर्ब के अन्तिम दिन, जो मुख्य दिन है, यीशु खड़ा हुआ और पुकार कर कहा, यदि कोई पियासा हो तो मेरे पास आकर पीए। 38 जो मुझ पर विश्वास करेगा, जैसा पवित्र शास्त्र में आया है उसके हृदय में से जीवन के जल की नदियां बह निकलेंगी।  39 उस ने यह वचन उस आत्मा के विषय में कहा, जिसे उस पर विश्वास करनेवाले पाने पर थे; क्योंकि आत्मा अब तक न उतरा था; क्योंकि यीशु अब तक अपनी महिमा को न पहुंचा था।  ध्यान दें कि यीशु ने कहा, ‘‘यदि कोई पियासा हो तो मेरे पास आकर पीए’’ (पद 37)। यीशु ने यह नहीं कहा, ‘‘वह आए और चिल्लाए।’’ उसने यह नहीं कहा कि, वह आए और प्रार्थना करे।’’ उसने यह नहीं कहा कि ‘‘वह आए और गीत गाए।’’ उसने यह नहीं कहा कि ‘‘वह आए और पसीना बहाए।’’ उसने यह नहीं कहा कि ‘‘वह आए और स्तुति करे।’’ उसने यह नहीं कहा कि, ‘‘वह आए मुंह के बल गिरे और खाली वापस चला जाए।’’ यीशु ने कहा, ‘‘वह मेरे पास आकर पिए।’’ यीशु, जल को पवित्र आत्मा के प्रतीक के रूप में प्रयोग कर रहा है।  क्या आपने कभी किसी को अपना मुंह बन्द रख कर पानी पीते हुए देखा है? नहीं, आ...

पवित्र आत्मा पाने की बाईबिल की विधि भाग 4

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 अध्याय 4  पवित्र आत्मा पाने की बाईबिल की  नए नियम की विधि पिन्तेकुस्त के आठ वर्षो के बाद, फिलिप्पुस के प्रचार के परिणाम स्वरूप, सामरी लोगों ने उद्धार पाया और पानी में बपतिस्मा लिया। पतरस और यूहन्ना यरूशलेम से भेजे गए। उन्होंने नए विश्वासियों के ऊपर हाथ रखे, और उन्होंने पवित्र आत्मा पाया (प्रेरितों के काम 8)  ध्यान दें कि बिना पीड़ित हुए, बिना ठहरे, बिना निराश हुए और बिना अपवाद के यह हो गया। सभी नए विश्वासी पवित्र आत्मा से भर गए। पिन्तुकुस्त के दिन के दस वर्षो के बाद, पतरस और कैसरिया में कुरनेलियुस के घर गया (प्रेरितों के काम 10)। उसने कुरनेलियुस उसके मित्रों और सम्बन्धियों को प्रचार करना प्रारम्भ कर दिया। पद 44 के अनुसार, ‘‘पतरस ये बातें कह ही रहा था, कि पवित्र आत्मा वचन के सब सुननेवालों पर उतर आया।‘‘ (याद रखें, ‘‘.....विश्वास सुनने से, और सुनना मसीह के वचन से होता है‘‘, रोमियों 10ः17)। कुरनेलियुस और उसके घराने ने सिर्फ़ उद्धार ही नहीं पा लिया था; वे बिना प्रार्थना किए, बिना ठहरे-और बिना अपवाद के पवित्र आत्मा से भर गए।  पतरस और उन आश्चर्यचकित यहूदियों ने कैसे जा...

पवित्र आत्मा के 10 महत्वपूर्ण कार्य

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पवित्र आत्मा कौन है? हम विश्वास करते हैं पवित्र आत्मा त्रिएक परमेश्वर का एक व्यक्तित्व है. वह एक व्यक्ति है, कोई शक्ति नहीं है. वो परमेश्वर का आत्मा है ( यूहन्ना 16:7 ) आज हम उसी पवित्र आत्मा के कार्यों को देखेंगे. पवित्र आत्मा हमारी सहायता करता है (यूहन्ना 14:16) यूहन्ना 14: 16, 26 में पवित्र आत्मा को सहायक अर्थात मददगार या सलाहकार कहा गया है. हम मसीही लोग अपने मसीही जीवन में पवित्र आत्मा को अपना सबसे बड़ा मददगार मानते हैं. जहाँ हम कमजोर हैं पवित्र आत्मा से सहायता मांगने से वो हमारी मदद करता है. एक विश्वासी व्यक्ति जब किसी ऐसी परिस्थिति में आ जाता है जहाँ उसे कुछ भी सूझता नहीं कि क्या निर्णय लें या आगे क्या करें तब पवित्र आत्मा से सहायता मांगने पर पवित्रात्मा उसकी सहायता करता है. पवित्र आत्मा हमें सिखाता है (यूहन्ना 14:26) पवित्रशास्त्र बाइबिल परमेश्वर की आत्मा की प्रेरणा से लिखा गया है. इसलिए इसे पढ़ते समय यदि हम प्रार्थना करते हैं तो पवित्रआत्मा हमें सिखाता है. न केवल वचन पढ़ते समय वरन जीवन के किसी भी मोड़ में यदि हम हताश हो जाते हैं तो प्रार्थना के समय पवित्रात्मा हमें सही मार्ग में च...

पवित्र आत्मा पाने की बाईबिल की विधि

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    अध्याय - 3 पवित्र आत्मा को ग्रहण करें (लेखक केनेथ ई. हेगिन) उद्धार की योजना देने के लिए परमेश्वर को जो कुछ भी करना है वह सब कुछ पहले ही कर चुका है उसने यीशु को भेजा। अब यीशु को ग्रहण करना हमारे ऊपर (निर्भर करता) है। उद्धार हर उस व्यक्ति के लिए है जो मर कर नर्क जाता है, क्योंकि यीशु अधर्मियों के लिए मर गया। नर्क में पहुँचे व्यक्ति ने या तो उद्धार के विषय में यदि उसने सुना था, तो उसका तिरस्कार कर दिया, या वह इसके विषय में नहीं जानता था। किसी भी हाल में, वह (उद्धार) उसके लिए था।  हमें चंगाई देने के लिए परमेश्वर को जो कुछ भी करना है वह सब कुछ पहले ही कर चुका है: परमेश्वर ने हमारी बीमारियों और रोगों को यीशु के ऊपर डाल दिया, और यीशु ने उन्हें (उपने ऊपर) उठा लिया। परमेश्वर के मन में हम पहले ही चंगे हो गए हैं। चंगाई को ग्रहण करना हमारे ऊपर (निर्भर करता) है। चंगाई हमारे लिए है। मैंने बिस्तर पर पड़े हुए अनेक लोगों को पहला पतरस 2ः24 का सत्य दिखा दिया है कि, ‘‘उसी के मार खाने से तुम चंगे हुए।‘‘ जब वे बिस्तर पर पड़े हुए थे तभी उन्होंने विश्वास करना प्रारम्भ कर दिया, और उन्होंने अपन...

पवित्र आत्मा पाने की बाईबिल की विधि भाग 2

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  अध्याय - 2 ठहरना (बाट जोहना) या न ठहरना (लेखक केनेथ ई. हेगिन) एक बैपटिस्ट युवक प्रचारक के रूप में पवित्र आत्मा में बपतिस्मा पाने के बाद और पूर्ण सुसमाचारीय लोगों के बीच में आने के बाद और पूर्ण सुसमाचारीय लोगों के बीच में आने के बाद, मैंने पवित्र आत्मा में बपतिस्मा के विषय में उस प्रकार कभी भी सेवा नहीं की जैसे वे करते थे। उन दिनों (1937-39) में, देश के, कम से कम हमारे क्षेत्र में, जितने भी पूर्ण सुसमाचारीय लोगों को मैं जानता था (वे सभी) प्रत्येक व्यक्ति को ‘‘ठहराते’’ थे। उन्होंने इस परम्परा को लूका 24 (अध्याय) से लिया था, जहां यीशु ने कहा, ‘‘जब तक स्वर्ग से सामर्थ न पाओ, तब तक तुम इसी नगर (यरूशलेम) में ठहरे रहो (पद 49)। वास्तव में पवित्र आत्मा पाने का कोई भी सूत्र (नियम) नहीं है। यदि (लूका 24ः49) एक सूत्र ही है, (तब) हमें शब्द ‘‘इसी नगर (यरूशलेम)’’ हटाने का क्या अधिकार है? यीशु ने कहा, ‘‘तुम इसी नगर (यरूशलेम) में ठहरे रहो।’’ उनके लिए ठहरना जितना महत्वपूर्ण  था उतना ही महत्वपूर्ण यरूशलेम में (उपस्थित) होना था, क्योंकि परमेश्वर की योजना के अनुसार पवित्र आत्मा को उंडेले जाने का...

पवित्र आत्मा पाने की बाईबिल की विधि

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अध्याय - 1 पवित्र आत्मा एक दान है (लेखक केनेथ ई. हेगिन) और मैं पिता से विनती करूंगा और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे। अर्थात सत्य का आत्मा, जिसे संसार ग्रहण नहीं कर सकता, क्योंकि वह न उसे देखता है और न उसे जानता है, तुम उसे जानते हो, क्योंकि वह तुम्हारे साथ रहता है, और वह तुम में होगा। ( यूहन्ना 14ः16-17 ) इसी यीशु को परमेश्वर ने जिलाया, जिस के हम सब गवाह हैं। इस प्रकार परमेश्वर के दाहिने हाथ से सर्वोच्च पद पाकर, और पिता से वह पवित्र आत्मा प्राप्त करके जिस की प्रतिज्ञा की गई थी, उसने यह उंडेल दिया है जो तुम देखते और सुनते हो। ( प्रेरितों के काम 2ः32-33) पवित्र शास्त्र में, आत्मा से जन्मा लेने और आत्मा से भर जाने के बीच एक अन्तर है।  जब हमारा नया जन्म होता है, हम अनन्त काल का जीवन पाते हैं। परमेश्वर का जीवन और स्वभाव हमारी आत्मा-हमारे आन्तरिक मनुष्यत्व को नया बनाता है। हम वह ‘‘नई सृष्टि’’ बन जाते है जिसके विषय में 2कुरिन्थियों 5ः17 बोलता है। यूहन्ना 14ः16 में, यीशु ने सहायक (पवित्र आत्मा) के विषय में जोर देते हुए बताया कि संसार उसे ग्रहण नहीं कर सकता, ...

दर्शन (लेख पत्र)

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दर्शन (लेख पत्र) महान आदेश कटनी काटने वाले मजदूरों उद्देश्य:- को और घरेलु कलीसिया रोपण पर आधारित तैयार करना। सुसमाचार:- संसार के वर्तमान में इतिहास महान आदेश पर आधारित मसीहियत संसार में सब से तेजी से बढ़ने वाला विश्वास आन्दोलन है। भारत के हर राज्य में किसी न किसी तरह का आन्दोलन चल रहा है कही ज्यादा, कहीं कम। 6,38,000 ग्रामों मे 72 प्रतिशत आबादी वास करती है, 8000 नगरों के अलावा। जहां आंध्रप्रदेश के ग्रामों मे 90 प्रतिशत मसीही उपस्थिती है। वहीं बिहार में केवल 20 प्रतिशत गावों में और जम्मू कश्मीर में शुरूवात हो रहा है। किसी एक ग्राम में मसीही उपस्थिती होने का अर्थ वह नही है कि कार्य पूरा हो गया। क्योंकि बहुत राष्ट्र, भाषा और जाति के लोगो तक पहुचना है भारत के हर एक गांव में एक दिया जलाना हमारा तत्काल का लक्ष्य बना रहना चाहिये। जिस तरह से आखिरी दस वर्षों में राज्य की बढ़ोत्तरी हुई है आज के दिन में यह लक्ष्य सम्भव हैं।  सबसे प्रथम हम परमेश्रवर को धन्यवाद दें कि वचन के प्रति एक भूख और प्यास उत्पन्न किया है। ‘‘प्रभु यहोवा की यह वाणी है ‘‘देखो, ऐसे दिन आनेवाले हैं जबकि मैं इस देश में अकाल भेज...