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सतर्कता का संदेश: जागते रहो! बाइबल क्यों कहती है आत्मिक नींद से जागो?

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"जागते रहो और प्रार्थना करते रहो कि तुम परीक्षा में न पड़ो।" (मत्ती 26:41) "तुम्हारा विरोधी शैतान गरजने वाले शेर की नाईं इस खोज में रहता है कि किस को फाड़ खाए। सचेत हो, और जागते रहो।" (1 पतरस 5:8) आज का संदेश: सोया हुआ घर, शैतान का शिकार बन जाता है। प्रभु यीशु ने गतसमनी में अपने सबसे करीबी 3 चेलों से सिर्फ एक बात कही थी - जागते रहो। वे सो गए। और उसी रात एक चेला बिक गया, एक ने इन्कार किया, और सब भाग गए। सब इसलिए क्योंकि वे सतर्क नहीं थे। आज परमेश्वर हर घरेलू कलीसिया को यही कह रहा है - जागते रहो!  आज खतरा बाहर नहीं, घर के अंदर है । शैतान आज बंदूक लेकर नहीं, Wi-Fi लेकर, मोबाइल लेकर, धीरे-धीरे आपके घर में घुस रहा है। और जब घर सो रहा होता है, तब वह काम करता है। यीशु ने बार-बार कहा "जागते रहो और प्रार्थना करो"। जानिए मत्ती 26:41 और 1 पतरस 5:8 के अनुसार आत्मिक सतर्कता क्या है, शैतान कैसे घात लगाता है और अंतिम समय में कैसे जागते रहना है। परिचय: सोया हुआ सिपाही और जागता दुश्मन - हमारी कहानी। 1. यीशु की आज्ञा: जागते रहो (मत्ती 26:41) गतसमनी बाग में तीन बार - पतरस...