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Showing posts from October, 2026

घर की वेदी फिर से बनाओ

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मुख्य वचन: " एलिय्याह ने सब लोगों से कहा , मेरे निकट आओ... और उसने यहोवा की वेदी की मरम्मत की जो गिराई गई थी ।" ( 1 राजा 18:30 ) " तुम भी जीवित पत्थरों के समान आत्मिक घर बनते जाते हो ।" ( 1 पतरस 2:5 ) आज का संदेश: जब घर की वेदी गिर जाती है , तो घर की आशीष रुक जाती है । 1 राजा 18 में इस्राएल में 3 साल से बारिश नहीं हुई थी । कारण था - यहोवा की वेदी गिरी हुई थी और बाल की वेदी खड़ी थी । एलिय्याह ने सबसे पहले क्या किया ? उसने आग के लिए प्रार्थना नहीं की , उसने वेदी की मरम्मत की । आज बहुत से घरों में यही समस्या है । घर में टीवी की वेदी है , मोबाइल की वेदी है , लड़ाई की वेदी है , पर प्रार्थना की वेदी गिरी हुई है । और जब तक वेदी नहीं बनेगी , स्वर्ग से आग नहीं गिरेगी । घरेलू कलीसिया का पहला काम बिल्डिंग बनाना नहीं , वेदी बनाना है ।  गिरी हुई वेदी को कैसे फिर से बनाएं ? 1. पत्थरों को इकट्ठा करो - बिखरे हुए दिलों को जोड़ो एलिय्याह ने 12 पत्थर लिए - 12 गोत्रों के लिए । टूटे हुए परिवार को फिर से जोड़ो । घर की वेदी तब तक नहीं बनेगी जब तक पति-पत्नी , माँ-बाप ...

वह आशीष जो घर से निकलती है ।

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मुख्य वचन: " तेरे द्वारा पृथ्वी के सारे कुल आशीष पाएँगे ।" (उत्पत्ति 12:3 ) " क्योंकि जहाँ दो या तीन मेरे नाम पर इकट्ठे होते हैं , वहाँ मैं उन के बीच में हूँ ।" (मत्ती 18:20 ) आज का संदेश: परमेश्वर एक परिवार को आशीष देता है ताकि वह परिवार पूरे मोहल्ले को आशीष दे, अब्राहम के साथ परमेश्वर की योजना सिर्फ अब्राहम के लिए नहीं थी । परमेश्वर ने कहा - तेरे द्वारा सारे कुल आशीष पाएँगे । मतलब , आशीष तुम पर रुकेगी नहीं , तुम से बहेगी । यही घरेलू कलीसिया का रहस्य है । बहुत से लोग सोचते हैं - पहले हमारा घर आशीषित हो जाए , फिर हम दूसरों को आशीष देंगे । पर परमेश्वर का नियम उल्टा है - जब तुम अपने घर को दूसरों के लिए खोलते हो , तब तुम्हारा घर आशीषित होता है । आपका घर कैसे आशीष का स्रोत बनता है ? 1. जब आपका दरवाजा खुलता है । आज के समय में सबके दरवाजे बंद हैं , दिल बंद हैं । सब डर में जीते हैं । पर जब आप अपना घर प्रार्थना के लिए खोलते हो , तो वह घर सिर्फ घर नहीं रहता , वह अस्पताल बन जाता है । लूका 10 में यीशु ने 70 चेलों को घर-घर भेजा और कहा - जिस घर में जाओ , कहो ...

दीवारों के भीतर की कलीसिया

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मुख्य वचन: " और प्रतिदिन एक मन होकर मन्दिर में इकट्ठे होते थे , और घर-घर रोटी तोड़ते हुए आनन्द और मन की सिधाई से भोजन किया करते थे ।" (प्रेरितों के काम 2:46 ) आज का संदेश: परमेश्वर की सबसे बड़ी योजना आपकी चार दीवारों में है । प्रेरितों के काम 2 की कलीसिया दो जगह मिलती थी - मन्दिर में और घर-घर में । मन्दिर में वे भीड़ में मिलते थे , पर घर में वे परिवार बनते थे । आज परमेश्वर आपसे कह रहा है - तुम्हारा घर सिर्फ सोने और खाने की जगह नहीं है , वह मेरी कलीसिया है। शैतान नहीं डरता जब आप रविवार को बड़ी बिल्डिंग में जाते हो। शैतान तब डरता है जब आपका घर ही कलीसिया बन जाता है। क्योंकि बिल्डिंग को बंद किया जा सकता है , पर घर-घर की कलीसिया को कोई रोक नहीं सकता।  घर को कलीसिया बनाने के 3 स्तम्भ: 1. एक साथ वचन - जहाँ परमेश्वर बोलता है । घरेलू कलीसिया में एक ही व्यक्ति अगुवा नहीं होता । पिता वचन पढ़ता है , माँ वचन समझाती है , बच्चे सवाल पूछते हैं । व्यवस्थाविवरण 6:7 कहता है वचन को उठते-बैठते , चलते-फिरते सिखाओ । एक घर जहाँ रोज़ 15 मिनट वचन पर बात होती है , वह घर कभी भटकेगा नहीं ।...

जब यीशु घर का मेहमान नहीं, मालिक बनता है ।

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  पुराना नियम - मुख्य वचन: " यहोवा के आशीर्वाद से धन मिलता है ।" (नीतिवचन 10:22 ) नया नियम - मुख्य वचन: " देख , मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूँ ; यदि कोई मेरा शब्द सुनकर द्वार खोलेगा , तो मैं उसके पास भीतर आकर उसके साथ भोजन करूँगा ।" (प्रकाशितवाक्य 3:20 ) आज का संदेश: बहुतों ने यीशु को घर में बुलाया , पर मालिक नहीं बनाया प्रकाशितवाक्य 3:20 में यीशु बाहर खड़ा है । ध्यान दीजिए , वचन पापियों के लिए नहीं , कलीसिया के लिए है । यीशु अपनी ही कलीसिया के बाहर खड़ा खटखटा रहा है । आज बहुत से मसीही परिवारों में यीशु मेहमान है । रविवार को बुलाते हैं , प्रार्थना के समय बुलाते हैं , फिर अपने काम में लग जाते हैं । पर परमेश्वर चाहता है कि यीशु मेहमान नहीं , इस घर का मालिक बने । मेहमान और मालिक में क्या फर्क है ? मेहमान को हम अपनी सुविधा से बुलाते हैं । मालिक जो चाहे वो करता है । जब यीशु मालिक बनता है तो 3 चीजें बदलती हैं: 1. निर्णय यीशु लेता है , हम नहीं, पहले हम पूछते थे:- "मुझे क्या करना अच्छा लगता है ?" अब हम पूछते हैं - "यीशु को क्या अच्छा ल...

जब घर में वेदी बनती है ।

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  मुख्य वचन: " नूह ने यहोवा के लिये एक वेदी बना ई ।" (उत्पत्ति 8:20 )  " अब्राहम ने... वहाँ यहोवा के लिये एक वेदी बनाई ।" (उत्पत्ति 12:7 ) शिक्षा: कलीसिया बिल्डिंग से नहीं , वेदी से बनती है । आज बहुत लोग सोचते हैं कि कलीसिया जाने के लिए बड़ी बिल्डिंग चाहिए , माइक चाहिए , कुर्सियाँ चाहिए । पर बाइबल की पहली कलीसिया बिल्डिंग नहीं थी - वेदी थी । जहाँ-जहाँ परमेश्वर के लोगों ने वेदी बनाई , वहाँ परमेश्वर उतर आया । 3 प्रकार की वेदी जो हर घर में होनी चाहिए: 1. प्रार्थना की वेदी - जहाँ स्वर्ग जमीन से जुड़ता है । उत्पत्ति 28 में याकूब ने एक पत्थर पर सिर रखकर सोया और वहाँ वेदी बनाई । वह जगह बेतेल कहलाई - परमेश्वर का घर । आपके घर में प्रार्थना का एक कोना होना चाहिए । एक समय होना चाहिए जहाँ पूरा परिवार एक साथ घुटने टेके । 15 मिनट की पारिवारिक प्रार्थना 15 घंटे के अकेले रोने से बेहतर है । जब घर में प्रार्थना की वेदी जलती है , तो घर में अंधेरा नहीं टिकता । 2. वचन की वेदी - जहाँ मन बदला जाता है । व्यवस्थाविवरण 6:6-7 कहता है - " ये वचन जो मैं आज तुझे सु...

इस घर में उद्धार आया है।

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  पुराना नियम - मुख्य वचन: " परन्तु मैं और मेरा घराना यहोवा की सेवा करेंगे ।" ( यहोशू 24:15)  नया नियम - मुख्य वचन: " यीशु ने उससे कहा , आज इस घर में उद्धार आया है ।" ( लूका 19:9) आज का संदेश: परमेश्वर एक व्यक्ति को नहीं , पूरे घराने को बचाना चाहता है । पिछले 3 दिनों में हमने देखा - यीशु हमारे घर में ज्योति , शांति और चंगाई लेकर आया है । आज वह सबसे बड़ा तोहफा लेकर आ रहा है, उद्धार । लूका 19 में जक्कई का घर । जक्कई पापी था , लोग उससे नफरत करते थे । पर जब यीशु उसके घर में आया , तो यीशु ने नहीं कहा "इस व्यक्ति में उद्धार आया है" । उसने कहा " इस घर में उद्धार आया है ।" आपके विश्वास के कारण आपका पूरा परिवार बचाया जाएगा । आज आपके लिए 3 वायदे: 1. परमेश्वर का वायदा आपके पूरे घर के लिए है । प्रेरितों के काम 16:31 - " प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास कर , तो तू और तेरा घराना उद्धार पाएगा ।" आपको अपने परिवार के हर सदस्य के लिए रोने की जरूरत नहीं । आपको सिर्फ यीशु पर विश्वास करना है , और आपका विश्वास आपके घर के लिए दरवाजा खोल द...

प्रभु यीशु में चंगाई है ।

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पुराना नियम - मुख्य वचन: " तू अपने परमेश्वर यहोवा का वचन तन मन से सुनना , और जो उसकी दृष्टि में ठीक है वही करना , और उसकी आज्ञाओं पर कान लगाना , उसकी सब विधियों को मानना , तो जितने रोग मैंने मिस्रियों पर भेजा है उन में से एक भी तुझ पर न भेजूंगा ; क्योंकि मैं तुम्हारा चंगा करने वाला यहोवा हूँ ।" ( निर्गमन 15:26)  नया नियम - मुख्य वचन: " उसी के मार खाने से तुम चंगे हुए ।" (1 पतरस 2:24) आज का संदेश: चंगाई दूर नहीं , आपके घर में है, हमने कल देखा था कि यीशु हमारे घर में शांति लेकर आता है । आज बाइबल बताती है कि वह अपने साथ चंगाई भी लेकर आता है । मरकुस 1:29-31 में यीशु आराधनालय से सीधे पतरस के घर में गया । वहाँ पतरस की सास बुखार में पड़ी थी । यीशु ने बड़े प्रोग्राम का इंतजार नहीं किया । उसने घर में ही उसका हाथ पकड़ा और चंगा किया । भाई-बहन , आपका घर अस्पताल नहीं , पर यीशु का घर बन सकता है । जहाँ यीशु है , वहाँ चंगाई है । आज आपके लिए 3 सच्चाइयाँ: 1. चंगाई यीशु के क्रूस पर पूरी हो चुकी है : आपको चंगाई के लिए भीख नहीं मांगनी है । ( यशायाह 53:5) कहता है उसके ...

प्रकाश अंधकार में चमकता है।

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  पुराना नियम - मुख्य वचन: " यहोवा मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है , मैं किससे डरूं ? यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ है , मैं किससे भयभीत होऊं ?" ( भजन संहिता 27:1)  नया नियम - मुख्य वचन: " और ज्योति अंधकार में चमकती है , और अंधकार ने उसे ग्रहण नहीं किया ।" ( यूहन्ना 1:5) आज का संदेश: कल हमने देखा कि यीशु घर में आना चाहता है । आज वह कहता है: "मैं तुम्हारे अंधकार में ज्योति बनना चाहता हूं ।" भजनकार कहता है परमेश्वर मेरी ज्योति है । और यूहन्ना बताता है कि वह ज्योति यीशु मसीह है । जहां यीशु जाता है , अंधकार भाग जाता है । 3 बातें जो आज आपके लिए हैं: 1. डर की जगह भरोसा : दुनिया में बहुत आवाजें हैं जो डराती हैं । पर यीशु कहता है: " मैं जगत की ज्योति हूं । जो मेरे पीछे आएगा , वह अंधकार में न चलेगा ।" ( यूहन्ना 8:12) जब यीशु आपके घर में है , तो आपको चिंता से डरने की जरूरत नहीं । 2. छोटी शुरुआत , बड़ी गवाही   : पतरस के घर से शुरुआत हुई और "सारा नगर" इकट्ठा हो गया । (मरकुस 1:33 ) परमेश्वर आपके घर की छोटी प्रार्थना से भी बड़े काम क...

परमेश्वर आपके घर में है ।

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मुख्य वचन: " डरो मत , क्योंकि मैं तुम्हारे संग हूँ ; इधर-उधर मत ताको , क्योंकि मैं तुम्हारा परमेश्वर हूँ । मैं तुम्हें दृढ़ करूँगा और तुम्हारी सहायता करूँगा ।" ( यशायाह 41:10) प्रभु यीशु मसीह आज भी आपके घर का दरवाजा खटखटा रहा है ।  3 बातें याद रखिए: 1. वो आपकी जरूरत जानता है : पतरस की सास बीमार थी । यीशु ने पहले उसी को चंगा किया । आज जो भी चिंता , बीमारी या टूटा हुआ रिश्ता आपके घर में है , यीशु सबसे पहले उसी से शुरू करना चाहता है । 2. उसकी उपस्थिति ही काफी है : जहां यीशु होता है , वहां चंगाई , शांति और आशा अपने आप आ जाती है । आपको बड़ा प्रोग्राम करने की जरूरत नहीं । बस उसे आमंत्रित कीजिए । 3. चंगे हुए लोग सेवा करते हैं : जब परमेश्वर आपको छूता है , तो आप रुक नहीं सकते । आप भी दूसरों के लिए आशीष बन जाते हैं । आपका घर पड़ोस के लिए उम्मीद का द्वार बन सकता है । आज की प्रार्थना: हे प्रभु यीशु , आज मैं अपने घर के दरवाजे तेरे लिए खोलता/खोलती हूं । तू आ और हर कोने को अपनी शांति से भर दे । जो कमजोर हैं उन्हें बल दे , जो बीमार हैं उन्हें चंगा कर । मेरे घर को एक घरेलू क...

इस घर में शांति हो

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पुराना नियम - मुख्य वचन: " और मेरी प्रजा शांति के स्थानों में निश्चिंत बसेगी , और विश्राम के स्थानों में रहेगी ।" ( यशायाह 32:18)  नया नियम - मुख्य वचन: " जिस किसी घर में जाओ , पहिले कहो , कि इस घर में शांति हो ।" ( लूका 10:5) आज वह कहता है: "मैं तुम्हारे घर में शांति बनना चाहता हूँ ।" जब यीशु ने अपने 70 चेलों को भेजा , तो उन्होंने बड़े भवन नहीं बनाए । वह घर-घर गए और एक ही संदेश दिया: शांति का संदेश । दुनिया अस्थायी शांति देती है - पैसा , मनोरंजन , ध्यान भटकाना । पर यीशु ऐसी शांति देता है जो तूफान में भी टिकी रहती है । आज आपके लिए 3 बातें: 1. शांति एक एहसास नहीं , एक व्यक्ति है । यीशु खुद हमारी शांति है । इफिसियों 2:14 कहता है , " वही हमारी शांति है ।" आपको अपने घर में शांति बनानी नहीं है । आपको शांति के राजकुमार - यीशु को अपने घर में बुलाना है । जब वह आता है , तो झगड़े शांत होते हैं , चिंता चली जाती है , नींद मीठी हो जाती है । 2. आपके शब्द आपके घर में शांति ला सकते हैं । नीतिवचन 15:1 - " कोमल उत्तर से जलजलाहट टल जाती...

मैं तुम्हारे साथ हूं ।

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  आधार पद: मत्ती 28:20 , " और देखो , मैं जगत के अंत तक सदा तुम्हारे साथ हूं ।"  यीशु ने महान आदेश देने के बाद ये वादा दिया । ये वादा ही हमारी हिम्मत है । 1. पुराने नियम में - परमेश्वर का वादा, परमेश्वर शुरू से ही अपने लोगों के साथ रहना चाहता था । व्यक्ति – परिस्थिति - परमेश्वर का वादा – पद मूसा - मिस्र से लोगों को निकालना          - "मैं तेरे साथ रहूंगा" । ( निर्गमन 3:12) यहोशू - कनान देश जीतना - "जैसे मैं मूसा के साथ था वैसे मैं तेरे साथ रहूंगा" । ( यहोशू 1:5) दाऊद - शत्रुओं से लड़ाई - "यहोवा मेरे साथ है , मैं नहीं डरूंगा" । ( भजन 118:6) यशायाह - भविष्य की भविष्यवाणी - "उसका नाम इम्मानुएल होगा , अर्थात परमेश्वर हमारे साथ" । ( यशायाह 7:14, 8:10) सार: पुराने नियम में परमेश्वर "दूर से" मदद करता था । तम्बू और मंदिर में उसकी उपस्थिति थी । 2. नए नियम में - परमेश्वर हमारे बीच में आ गया इम्मानुएल आ गया - "परमेश्वर हमारे साथ" । ( मत्ती 1:23) यीशु ने कहा: 1.   पृथ्वी पर : "मैं ...