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इन अमूल्य उपहारों के लिए परमेश्वर का धन्यवाद। रोमियों 6:23 - "परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है" - Charisma - मुफ्त उपहार - यीशु ने क्रूस पर खरीदा - तुम्हें मुफ्त दिया - कीमत - उसका लहू - अमूल्य।

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टायर चलने से खराब हो जाते हैं, लेकिन पैरों के तलवे जीवन भर चलने के बाद भी नए रहते हैं। (व्यवस्थाविवरण 8:4) शरीर 75% पानी से बना है, फिर भी लाखों छिद्रों के बावजूद एक भी बूंद नहीं रिसती। (भजन संहिता 139:14) कोई भी वस्तु बिना समर्थन के खड़ी नहीं हो सकती, लेकिन यह शरीर अपना संतुलन बनाए रखता है। (प्रेरितों के काम 17:28) कोई भी बैटरी बिना चार्ज किए नहीं चल सकती, लेकिन दिल जन्म से मृत्यु तक लगातार धड़कता रहता है। (अय्यूब 33:4) कोई भी पंप हमेशा के लिए नहीं चल सकता, लेकिन रक्त जीवन भर शरीर में लगातार बहता रहता है। (लैव्यव्यवस्था 17:11) दुनिया के सबसे महंगे कैमरे भी सीमित हैं, लेकिन आंखें हजारों मेगापिक्सेल में हर दृश्य को कैप्चर कर सकती हैं। (नीतिवचन 20:12) कोई भी प्रयोगशाला सभी स्वादों का परीक्षण नहीं कर सकती, लेकिन जीभ बिना किसी उपकरण के हजारों स्वादों को पहचान सकती है। (अय्यूब 12:11) सबसे उन्नत सेंसर भी सीमित हैं, लेकिन त्वचा सबसे हल्की संवेदना को भी महसूस कर सकती है। (अय्यूब 10:11) कोई भी मशीन सभी ध्वनियों को उत्पन्न नहीं कर सकती, लेकिन गला हजारों आवृत्तियों के स्वर उत्पन्न कर सकता...

महान आदेश, "पवित्र आत्मा को शोकित न करें" पूर्ति हेतु अन्य सहायक बने - इफिसियों 4:30, मत्ती 28:19 - Great Commission, Grieve Not The Holy Spirit, Helping Others Fulfill

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महान आदेश, “इसलिये तुम जाकर सब जातियों को शिष्य बनाओ, उन्हें पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो, और उन्हें वह सब कुछ सिखाओ जो मैंने तुम्हें आज्ञा दी है।” - मत्ती 28:19-20 महान आदेश के अलावा, और क्या करें ? सहायक बने, (पवित्र आत्मा को अपने अन्दर कार्य करने दें, “पवित्र आत्मा को शोकित न करें” )  परमेश्‍वर के पवित्र आत्मा को शोकित मत करो, जिस से तुम पर छुटकारे के दिन के लिये छाप दी गई है।  (इफिसियों 4:30) इसका अर्थ - ऐसा जीवन जिएँ जो परमेश्वर को प्रसन्न करे  ना कि ऐसा व्यवहार करें जिससे पवित्र आत्मा दुखी हो। कौन-सी बातें पवित्र आत्मा को शोकित करती हैं? पाप में बने रहना झूठ, क्रोध, कड़वाहट क्षमा न करना घमंड और अवज्ञा परमेश्वर की आवाज़ को अनदेखा करना कौन-सा जीवन पवित्र आत्मा को प्रसन्न करता है? पवित्रता में चलना प्रेम और क्षमा नम्रता और आज्ञाकारिता प्रार्थना और वचन में बने रहना आत्मा के फल प्रकट करना (गलातियों 5:22–23) अब हम क्या करें ? → प्रेरितों की आर्थिक सहायता करें (प्रेरितों के काम 4:34-35) → चंगाई के लिए प्रार्थना कीजिए (याकूब 5:14-15) → नए वि...

परमेश्वर और मसीह में हम कौन हैं? - हमारी पहचान मसीह में - Who We Are In Christ - Identity In God And Christ - John 1:12, 2 Cor 5:17, 1 Peter 2:9, Ephesians 1:5, Romans 8:17

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"पर तुम एक चुना हुआ वंश, और राज-पदधारी याजकों का समाज, और पवित्र लोग, और परमेश्वर की निज प्रजा हो, इसलिये कि जिस ने तुम्हें अन्धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो।" -  1 पतरस 2:9 परमेश्वर में हम कौन हैं? → हम परमेश्वर की रचना हैं (इफिसियों 2:10) → हम परमेश्वर की ईच्छा हैं (इफिसियों 1:11) → हम परमेश्वर के वाचा की संतान हैं (गलातियों 3:29) → हम परमेश्वर का हिस्सा हैं (1 कुरिन्थियों 6:15) → हम परमेश्वर के धन्य पुत्र हैं (रोमियों 8:16-17) → हम परमेश्वर के चुने हुए वंश हैं (1 पतरस 2:9) → हम परमेश्वर के मंदिर हैं (1 कुरिन्थियों 3:16) → हम परमेश्वर के बच्चे हैं (रोमियों 8:16) → हम परमेश्वर के साझीदार हैं (1 कुरिन्थियों 3:9) प्रभु यीशु में हम कौन हैं? → हम यीशु भक्त हैं (यूहन्ना 14:15) → हम राजदूत हैं (2 कुरिन्थियों 5:20) → हम प्रभु यीशु के शिष्य हैं (प्रेरितों के काम 11:26) → हम याजक हैं (1 पतरस 2:9) → हम शांति की शांतान हैं (मत्ती 5:9) → हम अभिषेक किए हुए हैं (1 यूहन्ना 2:20) → हम मछुवारे हैं (मत्ती 4:19) → हम राजकुमार हैं (1 पतरस 2:9) → हम नमक हैं (मत्...

आपका अनन्तकाल का उत्तराधिकार - 1 पतरस 1:4 - अविनाशी, निर्मल, अजर-अमर - Eternal Inheritance In Heaven - Incorruptible Undefiled

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परमेश्वर पिता ने अपने प्रत्येक सन्तान के लिये एक उत्तराधिकार चुना है कि वह जाकर एक अच्छी लड़ाई लड़कर उस पर कब्ज़ा करे तथा उस पर राज्य करे । (भजन संहिता 47 : 3-4; 2 तिमुथियुस 4 : 7-8; प्रकाशित वाक्य 5 : 10) परमेश्वर इस उत्तराधिकार को एक नियुक्त समय में नहीं देगा , क्योंकि उसने आपको पहले ही दे दिया है । जहाँ-जहाँ आपका पैर रौंदेगा , वह स्थान आपको दे दिया है । पैर रखने का मतलब है कि (प्रार्थना यात्रा द्वारा) शैतान के सिर को अपने पैरों के नीचे कुचलना । (यहोशू 1 : 3, रोमियों 16 : 20, 1 तिमुथियुस 2 : 8) बिना उत्तराधिकार के आप पूर्ण मसीही नहीं हो सकते । हर एक को अपना उत्तराधिकार माँगना है , और फिर उस पर कब्ज़ा करना है । प्रभु यीशु को भी अपना उत्तराधिकार माँगना पड़ा। हम प्रभु यीशु के संगी सह-उत्तराधिकारी हैं । (भजन संहिता 2 : 7-8; रोमियों 8 : 17) आपको परमेश्वर से एक या अनेक विशेष जाति (समूह) को माँगना है , साथ में एक क्षेत्र को भी माँगना है । परमेश्वर ने कनान देश के फरात नदी जो इराक देश में है , वहाँ से , नील नदी जो मिस्र देश में है , तथा 10 जातियों को अब्राहम को उत्तराधिकार के स्वरूप में दिया ...

विश्वास जो एक ही बार पवित्र लोगों को सौंपा गया - यहूदा 1:3 - The Faith Once For All Delivered To The Saints - Jude 1:3 - Hapax Faith

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  "हे प्रियों, जब मैं तुम्हें हमारे सामान्य उद्धार के विषय में लिखने का पूरा यत्न कर रहा था, तो मुझे आवश्यक जान पड़ा कि तुम्हें यह लिखकर समझाऊं कि उस विश्वास के लिये पूरा यत्न करो, जो एक ही बार पवित्र लोगों को सौंपा गया था।" (यहूदा 1:3) यह पद आज की कलीसिया के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है। आइए इसे बाइबल के सम्पूर्ण संदर्भ में समझते हैं। यहाँ "विश्वास" (The Faith) का अर्थ केवल व्यक्तिगत विश्वास (Personal Faith) नहीं है। बाइबल में दो प्रकार के विश्वास दिखाई देते हैं। 1. परमेश्वर पर व्यक्तिगत विश्वास (Faith in God) यह वह विश्वास है जिससे मनुष्य उद्धार पाता है।  "क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है।" (इफिसियों 2:8) यह प्रत्येक व्यक्ति का व्यक्तिगत विश्वास है। 2. विश्वास (The Faith)  यहूदा 1:3 में इसी की बात हो रही है। यह सम्पूर्ण मसीही शिक्षा (Christian Doctrine) है जो प्रेरितों द्वारा परमेश्वर से प्राप्त होकर कलीसिया को दी गई। इसमें सम्मिलित हैं :-  सुसमाचार प्रभु यीशु का व्यक्तित्व उसका क्रूस पुनरुत्थान पश्चाताप...

भारत के लिए 31-दिवसीय राष्ट्रीय प्रार्थना मार्गदर्शिका - 28 राज्य 8 केंद्र शासित प्रदेश - National Prayer Guide For India - Unity Peace Justice Hope Healing

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  ( प्रत्येक दिन एक राष्ट्रीय प्रार्थना विषय) दिन 1 – राष्ट्र के लिए धन्यवाद हे परमेश्वर , हम भारत राष्ट्र के लिए तेरा धन्यवाद करते हैं। तू इस देश को शांति , समृद्धि और धार्मिकता के मार्ग पर आगे बढ़ा। बाइबल पद: भजन 100:4; 1 तीमुथियुस 2:1-2.   दिन 2 – राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री और सभी शासकों के लिए हे प्रभु , हमारे राष्ट्र के सभी नेताओं को बुद्धि , सत्यनिष्ठा और न्याय से शासन करने की सामर्थ्य प्रदान कर। बाइबल पद: नीतिवचन 21:1; रोमियों 13:1.   दिन 3 – संसद एवं विधानसभाओं के लिए हे प्रभु , सांसदों और विधायकों को ऐसे निर्णय लेने की बुद्धि दे जो सम्पूर्ण राष्ट्र के हित में हों। बाइबल पद: याकूब 1:5.   दिन 4 – न्यायपालिका के लिए हे प्रभु , न्यायाधीशों , वकीलों और न्याय व्यवस्था को निष्पक्षता तथा सत्य के अनुसार न्याय करने की बुद्धि दे। बाइबल पद: व्यवस्थाविवरण 16:20; मीका 6:8.   दिन 5 – प्रशासनिक अधिकारियों के लिए हे प्रभु , सभी सरकारी अधिकारियों को ईमानदारी , पारदर्शिता और सेवा का हृदय प्रदान कर। बाइबल पद: रोमियों 13:3-4.   दिन 6 ...

पिता माता का सम्मान और आदर - निर्गमन 20:12 - पांचवी आज्ञा - इफिसियों 6:1-3 - Pita Mata Ka Samman - Honor Your Father And Mother

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