प्रेरितों का विश्वास वचन : हम क्या विश्वास करते हैं और क्यों? | Apostles Creed in Hindi - Prarthana Yoddha
प्रेरितों का विश्वास वचन: हम विश्वास करते है परमेश्वर सर्वशक्तिमान पिता पर, जो स्वर्ग और पृथ्वी का कर्ता है। हम विश्वास करते हैं यीशु मसीह पर जो उसका एकलौता पुत्र और हमारा प्रभु है। वह पवित्र आत्मा की शक्ति से गर्भ में आया कुमारी मरियम से जन्मा, पोन्त्य पिलात के अधिकार में दुख भोगा, क्रूस पर चढ गया, मर गया और गाड़ा गया, आत्माओं के लोक में उतर गया: तीसरे दिन मृतकों में से जी उठा, स्वर्ग पर चढ गया और सर्वशक्तिमान परमेश्वर पिता की दाहिनी ओर बैठा है। वहां से वह जीवितों और मृतकों का न्याय करने आयेगा।
हम विश्वास करते हैं पवित्र आत्मा पर, एक पवित्र विश्वव्यापी कलीसिया पर, पवित्रों की सहभागिता पर, पाप क्षमा पर, मृतकों के पुनरुत्थान और अनन्त जीवन पर ।। आमीन ।।
अगुवा: हमारे पिता परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह की ओर से तुम्हें अनुग्रह और शान्ति मिले।
प्रेरितों का विश्वास वचन: हम क्या विश्वास करते हैं और क्यों?
प्रार्थना योद्धा | विश्वास श्रृंखलाकई बार हम चर्च में खड़े होकर एक साथ एक वचन बोलते हैं —
“मैं सर्वशक्तिमान पिता परमेश्वर पर विश्वास करता हूँ...”लेकिन क्या हमने कभी गहराई से सोचा है कि इन शब्दों का अर्थ क्या है?
प्रेरितों का विश्वास वचन सिर्फ एक पुरानी प्रार्थना नहीं है। यह 2000 साल से मसीही विश्वास की पहचान है। जब दुनिया में गलत शिक्षाएं फैलने लगीं, तब कलीसिया ने अपने विश्वास को इन छोटे-छोटे, साफ़ वाक्यों में समेट दिया — ताकि हर विश्वासी जान सके कि वह किस पर विश्वास करता है।
प्रेरितों का विश्वास वचन (पूरा पाठ)
मैं सर्वशक्तिमान पिता परमेश्वर पर विश्वास करता हूँ,
जो स्वर्ग और पृथ्वी का सृजनहार है।
और उसके एकलौते पुत्र, हमारे प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास करता हूँ,
जो पवित्र आत्मा से गर्भ में आया,
कुँवारी मरियम से जन्मा,
पुन्तियुस पिलातुस के अधीन दुःख उठाया,
क्रूस पर चढ़ाया गया, मरा और गाड़ा गया,
अधोलोक में उतरा,
तीसरे दिन मृतकों में से जी उठा,
स्वर्ग पर चढ़ गया,
और सर्वशक्तिमान पिता परमेश्वर के दाहिने हाथ बैठा है,
वहाँ से वह जीवितों और मृतकों का न्याय करने को फिर आएगा।
मैं पवित्र आत्मा पर विश्वास करता हूँ,
पवित्र सार्वभौमिक कलीसिया पर,
पवित्र लोगों की संगति पर,
पापों की क्षमा पर,
देह के पुनरुत्थान पर,
और अनन्त जीवन पर।
आमीन।
1. पिता परमेश्वर - हमारा सृजनहारहम किसी अज्ञात शक्ति पर नहीं, बल्कि एक सर्वशक्तिमान पिता पर विश्वास करते हैं। वह सिर्फ सृष्टि करने वाला नहीं, वह हमारा पिता है।
इसका अर्थ है - हम अनाथ नहीं हैं, हम उसकी संतान हैं।
2. यीशु मसीह - हमारा उद्धारकर्तायह वचन यीशु के पूरे जीवन को बताता है - जन्म, दुःख, क्रूस, मृत्यु, पुनरुत्थान और स्वर्गारोहण।यीशु सिर्फ एक शिक्षक नहीं थे। वे परमेश्वर के पुत्र हैं, जो हमारे लिए मरे और जी उठे। हमारा विश्वास खाली कब्र पर खड़ा है।
3. पवित्र आत्मा - हमारा सहायकपवित्र आत्मा आज भी हमारे साथ है। वही हमें प्रार्थना करना सिखाता है, पाप का बोध कराता है और सत्य में चलाता है।
4. कलीसिया, क्षमा और अनन्त जीवन हम अकेले विश्वास नहीं करते। हम कलीसिया का हिस्सा हैं। हमें पापों की क्षमा मिली है और हमें अनन्त जीवन की आशा मिली है।यही हमारा विश्वास है। यही हमारी पहचान है।
आज के लिए प्रार्थना हे पिता परमेश्वर, मुझे इस विश्वास वचन को सिर्फ होठों से नहीं, हृदय से बोलना सिखा। मेरा विश्वास मज़बूत कर, ताकि कठिन समय में भी मैं कह सकूँ - मैं विश्वास करता हूँ। आमीन।
Shalom,
- P. R. Jharbade

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