नाइसीन विश्वास वचन: एक सत्य, एक विश्वास, एक कलीसिया | Nicene Creed in Hindi
मैं विश्वास करता हूँ पवित्र आत्मा पर, जो प्रभु और जीवन दाता है, वह पिता और पुत्र से निकलता है, पिता और पुत्र के साथ उसकी आराधना और महिमा होती है। उसने नबियों के द्वारा बातें की।
मैं विश्वास करता हूं एक पवित्र विश्वव्यापी प्रेरितीय कलीसिया पर, मैं मानता हूं एक बपतिस्मा जो पापक्षमा के लिए है और मैं मृतकों के पुनरुत्थान और आगामी जीवन की राह देखता हूँ ।। आमीन ।।
नाइसीन विश्वास वचन: एक सत्य, एक विश्वास, एक कलीसियाप्रार्थना योद्धा | विश्वास श्रृंखलाप्रेरितों के विश्वास वचन के बाद, कलीसिया के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण वचन है - नाइसीन विश्वास वचन।
सन् 325 ई. में जब एक गलत शिक्षा फैली कि "यीशु परमेश्वर नहीं, सिर्फ एक सृष्टि हैं", तब पूरी कलीसिया के 318 बिशप नाइकिया नगर में इकट्ठे हुए। उनका एक ही सवाल था - यीशु कौन हैं? और वहीं से जन्मा ये वचन - जो आज भी पूरी दुनिया की कलीसिया को एक करता है।
नाइसीन विश्वास वचन (सरल हिंदी पाठ)
हम एक परमेश्वर, सर्वशक्तिमान पिता पर विश्वास करते हैं,
जो स्वर्ग और पृथ्वी, और सब दृश्य और अदृश्य वस्तुओं का सृजनहार है।
और एक प्रभु यीशु मसीह पर, परमेश्वर के एकलौते पुत्र पर,
जो पिता से सब युगों से पहले उत्पन्न हुआ,
परमेश्वर से परमेश्वर, ज्योति से ज्योति, सच्चे परमेश्वर से सच्चा परमेश्वर,
जो उत्पन्न हुआ, बनाया नहीं गया, पिता के साथ एक स्वभाव का है,
जिसके द्वारा सब कुछ बनाया गया।
जो हमारे लिए, मनुष्यों के लिए, और हमारे उद्धार के लिए स्वर्ग से उतरा,
पवित्र आत्मा के द्वारा कुँवारी मरियम से देहधारी हुआ, और मनुष्य बना।
हमारे लिए पुन्तियुस पिलातुस के अधीन क्रूस पर चढ़ाया गया,
दुःख उठाया, मरा और गाड़ा गया,
और पवित्रशास्त्र के अनुसार तीसरे दिन जी उठा,
स्वर्ग पर चढ़ गया, और पिता के दाहिने हाथ बैठा है,
और महिमा के साथ फिर आएगा, जीवितों और मृतकों का न्याय करने को,
और उसके राज्य का कोई अंत न होगा।
और पवित्र आत्मा पर, जो प्रभु और जीवनदाता है,
जो पिता और पुत्र से निकलता है,
जो पिता और पुत्र के साथ आराधना और महिमा पाता है,
जिसने भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा बातें कीं।
और एक पवित्र, सार्वभौमिक और प्रेरितिक कलीसिया पर विश्वास करते हैं।
हम पापों की क्षमा के लिए एक बपतिस्मा को मानते हैं।
मृतकों के पुनरुत्थान की और आने वाले युग के जीवन की बाट जोहते हैं।
आमीन।
1. यीशु कौन हैं?
यही सबसे बड़ा सवालनाइसीन वचन का हृदय यही है - यीशु उत्पन्न हुए, बनाए नहीं गए।वे सृष्टि नहीं, सृष्टिकर्ता हैं। वे पिता के साथ एक स्वभाव के हैं। अगर यीशु सिर्फ मनुष्य होते, तो उनका क्रूस हमें बचा नहीं सकता था।
2. त्रिएक परमेश्वर
पिता, पुत्र, पवित्र आत्मायह वचन हमें त्रिएकता को साफ़ समझाता है - एक परमेश्वर, तीन व्यक्ति। पिता सृजनहार, पुत्र उद्धारकर्ता, पवित्र आत्मा जीवनदाता।
3. आज हमारे लिए इसका क्या अर्थ है?
जब आज भी लोग कहते हैं - "यीशु सिर्फ एक गुरु थे", "सब धर्म एक जैसे हैं", तब नाइसीन वचन हमें याद दिलाता है - हमारा विश्वास सस्ता नहीं, यह खून से सींचा गया सत्य है।हे प्रभु यीशु, तू ही सच्चा परमेश्वर है। मेरे विश्वास को नाइसीन के पिताओं की तरह मज़बूत कर, ताकि मैं सत्य पर अडिग रहूँ। आमीन।
नाइसीन विश्वास वचन क्या है? जानिए 325 ई. में क्यों लिखा गया, यीशु कौन हैं, और त्रिएक परमेश्वर पर विश्वास का पूरा अर्थ। Nicene Creed in Hindi।
Shalom,
- P. R. Jharbade

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