शरीर, मन और आत्मा की संपूर्ण देखभाल

 

प्रार्थना योद्धा | स्वास्थ्य श्रृंखला
आज हम सिर्फ बीमारी का इलाज करते हैं, स्वास्थ्य की देखभाल नहीं करते।

Holistic Health Care का अर्थ है - सिर्फ शरीर नहीं, पूरा इंसान स्वस्थ हो। 

जानिए बाइबल के अनुसार शरीर, मन और आत्मा की संपूर्ण देखभाल, रोज़ की सरल दिनचर्या और सच्ची चंगाई का रहस्य।

बाइबल कहती है: "क्या तुम नहीं जानते कि तुम्हारा शरीर पवित्र आत्मा का मन्दिर है?" - 1 कुरिन्थियों 6:19

परमेश्वर को सिर्फ आपकी आत्मा की नहीं, आपके शरीर और मन की भी चिंता है।

1. शारीरिक स्वास्थ्य - Body Care

शरीर परमेश्वर का दिया हुआ उपहार है।

a) सही भोजन - ताज़ा फल, सब्ज़ी, दाल, पर्याप्त पानी। जंक फूड कम, सादा भोजन ज़्यादा।

b) चलना-फिरना - रोज़ 30 मिनट टहलना, हल्का व्यायाम। दानिय्येल ने भी सादा भोजन चुना था।

c) अच्छी नींद - 7-8 घंटे की नींद दवा से बढ़कर है। "वह अपने प्रियों को नींद में ही देता है।" - भजन 127:2

d) नशे से दूरी - जो शरीर को नाश करे, उससे दूर रहें।

2. मानसिक स्वास्थ्य - Mind Care

आज सबसे बड़ी बीमारी तनाव, चिंता और अकेलापन है।

a) चिंता को प्रार्थना में बदलें - "किसी बात की चिंता मत करो, परन्तु हर बात में प्रार्थना करो।" - फिलिप्पियों 4:6

b) नकारात्मक सोच से बचें - जो बातें सत्य, पवित्र और प्रशंसनीय हैं, उन्हीं पर मन लगाएं।

c) माफ़ करना सीखें - क्षमा न करना मन का सबसे बड़ा बोझ है।

d) आराम लें - परमेश्वर ने भी 7वें दिन विश्राम किया। बिना आराम के सेवा भी बोझ बन जाती है।

3. आत्मिक स्वास्थ्य - Spirit Care

यही Holistic Health की जड़ है। अगर आत्मा बीमार है, तो शरीर और मन भी थक जाएंगे।

a) रोज़ वचन और प्रार्थना - जैसे शरीर को रोज़ खाना चाहिए, आत्मा को रोज़ वचन चाहिए।

b) संगति - अकेले मत रहें। कलीसिया की संगति आत्मा की दवा है।

c) धन्यवाद - हर दिन 3 बातों के लिए धन्यवाद दें। कृतज्ञता मन को चंगा करती है।

4. Holistic Daily Routine - एक सरल दिनचर्या

सुबह: 10 मिनट प्रार्थना + 1 गिलास पानी + 20 मिनट टहलना

दोपहर: सादा पौष्टिक भोजन + 5 मिनट शांत प्रार्थना

शाम: परिवार के साथ समय + फोन से दूरी

रात: धन्यवाद की प्रार्थना + समय पर सोना

स्वास्थ्य सिर्फ डॉक्टर के पास नहीं, रोज़ की छोटी-छोटी आदतों में है।

हे प्रभु, मेरे शरीर को मन्दिर की तरह संभालना सिखा, मेरे मन को शांति दे, और मेरी आत्मा को तुझमें मज़बूत कर। आमीन।

Shalom,

- P. R. Jharbade

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

श्राप को तोड़ना / आध्यात्मिक मलयुद्ध / Spiritual Warfare - इफिसियों 6:10-18 परमेश्वर के हथियार - श्राप से छुटकारा कैसे पाएं? बाइबिल के अनुसार आत्मिक युद्ध

चौथी वाणी - "हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया?" - मत्ती 27:46 और मरकुस 15:34 - क्रूस पर अंधकार और त्याग - Eli Eli Lama Sabachthani

पाप का दासत्व क्या है? पाप परमेश्वर की व्यवस्था का उल्लंघन है | 1 यूहन्ना 3:4 - पाप से छुटकारा कैसे पाएं?