बंद दरवाजों के बीच अचानक का परमेश्वर

मुख्य वचन: "आधी रात को पौलुस और सीलास प्रार्थना करते हुए परमेश्वर के भजन गा रहे थे... कि एकाएक बड़ा भुईडोल हुआ, यहाँ तक कि बंदीगृह की नींव हिल गई, और तुरंत सब द्वार खुल गए और सब के बन्धन खुल पड़े ।" (प्रेरितों के काम 16:25-26)

प्रस्तावना: परमेश्वर दरवाजा नहीं खोलता, नींव हिलाता है ।

हम अक्सर परमेश्वर से कहते हैं - प्रभु, दरवाजा खोल दे । पर परमेश्वर कहता है - मैं दरवाजा नहीं खोलूँगा, मैं पूरी दीवार ही गिरा दूँगा ताकि तुम फिर कभी उसी दरवाजे पर न लौटो ।

बाइबल में हर बंद दरवाजे के पीछे "एकाएक" लिखा है ।

भाग 1: बाइबल के इतिहास में 3 बंद दरवाजे

1. लाल सागर - जहाँ रास्ता था ही नहीं, पढ़ें: निर्गमन 14:21-22

परिस्थिति: आगे मौत (समुंदर), पीछे मौत (फिरौन), अगल-बगल पहाड़ ।

मानवीय समाधान: 0%

परमेश्वर का समाधान: मूसा ने लाठी बढ़ाई, परमेश्वर ने हवा चलाई। परमेश्वर ने ताला नहीं तोड़ा, समुंदर को दो हिस्सों में चीर दिया ।

आत्मिक अर्थ: जब कोई रास्ता नहीं होता, तब परमेश्वर नया रास्ता बनाता नहीं, वह खुद रास्ता बन जाता है ।

2. यरीहो की दीवार - जो 400 साल से किसी से नहीं गिरी थी । पढ़ें: यहोशू 6:1, 20*

परिस्थिति: दीवार इतनी चौड़ी कि उस पर रथ चलते थे। इस्राएल के पास न सीढ़ी, न बारूद ।

परमेश्वर का तरीका: "लड़ो मत, चलो । चिल्लाओ मत, जयजयकार करो ।" सात दिन परिक्रमा, सातवें दिन जयजयकार - और दीवार जड़ से गिर गई ।

आत्मिक अर्थ: कुछ दीवारें प्रार्थना से नहीं, प्रशंसा से गिरती हैं । आपका कर्ज, बीमारी, मुकदमा - ये यरीहो हैं । इन्हें गाली से नहीं, गीत से गिराना है ।

3. फिलिप्पी का बंदीगृह - जहाँ चाबी नहीं, भजन चाबी बना । पढ़ें: प्रेरितों 16:23-26

परिस्थिति: पौलुस और सीलास अंदर की कोठरी में, पैर काठ में, पीठ पर कोड़े के घाव। कोई वकील, कोई जमानत नहीं ।

उन्होंने क्या किया? आधी रात को - जब दर्द सबसे ज्यादा होता है - उन्होंने प्रार्थना नहीं बदली, भजन गाना शुरू किया ।

परिणाम: वचन कहता है - "एकाएक" भुईडोल आया ।

ध्यान दीजिए: सिर्फ उनका नहीं, सब कैदियों के बंधन खुल गए । आपकी एक रात की स्तुति आपके पूरे वंश को आजाद करेगी ।

भाग 2: आज आपके घर के लिए संदेश

परमेश्वर आज आपसे कह रहा है: "मेरे बेटे / बेटी, तू दरवाजे को धक्का देना बंद कर । तेरा काम दरवाजा खोलना नहीं है, तेरा काम भजन गाना है। दरवाजा हिलाना मेरा काम है ।"

इस सितंबर में परमेश्वर 3 काम करेगा:

1.  जो दरवाजा मनुष्य ने बंद किया है, वह खुलेगा ।

2.  जो दरवाजा शैतान ने बंद किया है, वह टूटेगा ।

3.  जो दरवाजा तुमने खुद डर से बंद किया है, वहाँ परमेश्वर नया द्वार बनाएगा ।

भाग 3: आज की प्रार्थना

अपने परिवार के साथ घुटने टेककर प्रार्थना करें: "हे मेरे अचानक के परमेश्वर, आधी रात के परमेश्वर, लाल सागर को चीरने वाले, यरीहो को गिराने वाले, बंदीगृह को हिलाने वाले परमेश्वर ।

आज मैं अपने बंद दरवाजों को देखना बंद करता हूँ । आज से मैं गाना शुरू करता हूँ । जैसा तूने पौलुस के लिए किया, वैसा मेरे घर के लिए कर । मेरे घर में आज भुईडोल भेज, हर बंधन को तोड़ और हर द्वार को खोल । मैं विश्वास करता हूँ आज मेरी आधी रात, मेरी गवाही की सुबह बनेगी । यीशु के सामर्थी नाम में, आमीन ।"

भाग 4: आज की भविष्यद्वाणी की घोषणा

अपने घर के मुख्य द्वार पर हाथ रखकर 7 बार कहें:

"एकाएक! एकाएक! एकाएक! मेरे घर के सब द्वार यीशु के नाम में खुल रहे हैं! मैं बंद नहीं, मैं आजाद हूँ! मेरा घर बंदीगृह नहीं, यह गवाही का घर है!"

भाग 5: आज का कार्य (Prophetic Act)

1. प्रशंसा की आधी रात: आज रात सोने से पहले परिवार के साथ 15 मिनट तक बिना कुछ माँगे सिर्फ भजन गाएँ । कोई प्रार्थना निवेदन नहीं, सिर्फ धन्यवाद ।

2. द्वारों का अभिषेक: भजन के बाद अपने घर के हर दरवाजे, तिजोरी और अलमारी पर हाथ रखकर कहें - "यीशु के नाम में खुल जा, क्योंकि वचन कहता है सब द्वार खुल गए ।"

शालोम, परमेश्वर आज रात आपके विश्वास को भूकंप में बदलेगा ।

Comments

Popular posts from this blog

श्राप को तोड़ना / Breaking Curses

चौथी वाणी "हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया"

मेरा घर सब जातियों के लिये प्रार्थना का घर कहलायेगा