पौलुस का घरेलू कलीसिया मॉडल

 पृथ्वी के घर से स्वर्गीय स्थानों तक

मुख्य वचन: "उसने हमें मसीह यीशु में स्वर्गीय स्थानों में बैठाया।" (इफिसियों 2:6) "अक्विला और प्रिस्का की ओर से, और उनकी घर की कलीसिया की ओर से बहुत-बहुत नमस्कार।" (1 कुरिन्थियों 16:19)

प्रस्तावना: पौलुस ने कभी बिल्डिंग नहीं बनाई, पर स्वर्ग तक की सीढ़ी बना दी, आज की कलीसिया बिल्डिंग ढूंढती है, पौलुस घर ढूंढता था। पौलुस ने 13 पत्रियां लिखीं, एक भी मंदिर का नक्शा नहीं भेजा, पर हर पत्री में एक घर की कलीसिया का नाम जरूर लिखा।

क्यों? क्योंकि पौलुस जानता था - यीशु मंदिर में नहीं मरा, वह घर के बाहर क्रूस पर मरा, और फिर घर-घर में जीवित हो गया।

आज का संदेश - पौलुस ने कैसे तुम्हारे जैसे छोटे से घर को स्वर्गीय सरकार से जोड़ा?

भाग 1: पौलुस की 4 घरेलू कलीसियाएँ - जो आज तक जीवित हैं

पौलुस ने 4 घरों को नमूना बनाया, जो तुम्हारे घर का भविष्य हैं।

1. अक्विला और प्रिस्किल्ला का घर - काम करने वाली कलीसिया (प्रेरितों 18:1-3, रोमियों 16:3-5)

यह पति-पत्नी तम्बू बनाते थे। दिन में तम्बू सीते थे, रात में कलीसिया चलाते थे। पौलुस उनके साथ रहा, काम किया। इस घर ने अपुल्लोस जैसे बड़े प्रचारक को तैयार किया।

सिद्धांत: तुम्हारा घर सिर्फ प्रार्थना का घर नहीं, प्रशिक्षण का घर है। जहाँ रोटी कमाई जाती है, वहीं सेवक बनाए जाते हैं। पौलुस ने घर को बाजार से नहीं निकाला, बाजार को ही वेदी बना दिया।

2. नुमफा का घर - स्त्री की अगुवाई वाली कलीसिया (कुलुस्सियों 4:15)

पौलुस लिखता है - "लौदीकिया के भाइयों और नुमफा और उसके घर की कलीसिया को नमस्कार।" एक बहन का घर, जहाँ पूरी कलीसिया इकट्ठी होती थी।

सिद्धांत: घरेलू कलीसिया में लिंग नहीं, अनुग्रह चलता है। जिस घर में बहन प्रार्थना करती है, वह घर कुलुस्सियों की पत्री पाता है - जहाँ मसीह सब कुछ में सब कुछ है।

3. फिलेमोन का घर - टूटी हुई कलीसिया को जोड़ने वाला घर (फिलेमोन 1:2)

फिलेमोन के घर में कलीसिया लगती थी, पर उसी घर का गुलाम उनेसिमुस भाग गया था। पौलुस ने उसी घर को लिखा - अपने गुलाम को भाई की तरह ग्रहण कर।

सिद्धांत: घरेलू कलीसिया केवल गीत गाने के लिए नहीं, टूटे रिश्तों को जोड़ने के लिए है। जहाँ क्षमा नहीं, वहाँ कलीसिया नहीं, क्लब है। पौलुस ने घर को अदालत नहीं, अस्पताल बनाया।

 4. लूका का घर / यासोन का घर - सताव सहने वाला घर (प्रेरितों 17:5-7, कुलुस्सियों 4:14)

यासोन ने पौलुस को अपने घर में रखा, तो भीड़ ने उसका घर तोड़ दिया। लूका वैद्य था, उसका घर दवाखाना भी था, कलीसिया भी।

सिद्धांत: जो घर सुसमाचार के लिए पीटा जाता है, वही इतिहास में लिखा जाता है। तुम्हारे घर पर जो विरोध है, वह प्रमाण है कि तुम्हारा घर स्वर्गीय नक्शे पर है।

भाग 2: पौलुस ने हमेशा के लिए समन्वय (Coordination) कैसे स्थापित किया?

पौलुस ने कलीसियाओं को संगठन से नहीं, 3 आत्मिक रस्सियों से बाँधा जो आज तक नहीं टूटीं।

रस्सी 1: पत्रियों द्वारा सिद्धांत का समन्वय

पौलुस एक घर में बैठता, पर सब घरों को एक ही पत्री भेजता। कुलुस्सियों की पत्री लौदीकिया में पढ़ी जाए, लौदीकिया की कुलुस्से में (कुलु 4:16)।

आज के लिए: तुम्हारी घरेलू कलीसिया अकेली नहीं है। तुम्हारी प्रार्थना रोम की कलीसिया से, इफिसुस की कलीसिया से जुड़ी है। एक ही पवित्र आत्मा सब घरों को एक साथ चलाता है।

रस्सी 2: लोगों द्वारा अगुवों का समन्वय, पौलुस ने तीमुथियुस को इफिसुस में, तीतुस को क्रेते में, इपफ्रास को कुलुस्से में भेजा। एक ही हृदय, अलग-अलग घर।

आज के लिए: पौलुस का मॉडल था - हर घर में एक तीमुथियुस तैयार करो। घरेलू कलीसिया का लक्ष्य भीड़ नहीं, अगुवा तैयार करना है।

रस्सी 3: संग्रह द्वारा आर्थिक समन्वय (1 कुरि 16:1-2)

पौलुस ने कहा - हर पहले दिन हर एक अपनी आमदनी में से कुछ अलग रखे, ताकि यरूशलेम के संतों के लिए भेजा जाए।

आज के लिए: घरेलू कलीसिया भिखारी नहीं, देने वाली है। जब तुम्हारे छोटे घर से दूसरे घर का पेट भरता है, तब स्वर्ग में तुम्हारा समन्वय लिखा जाता है।

भाग 3: स्वर्गीय स्थानों तक पहुँचने के लिए पौलुस का 3 सीढ़ी वाला मार्गदर्शन (इफिसियों की पत्री)

इफिसियों की पत्री पौलुस ने किसी बिल्डिंग को नहीं, इफिसुस के घर-घर में बिखरी कलीसिया को लिखी थी। उसी में उसने स्वर्ग तक का नक्शा दिया।

सीढ़ी 1: बैठना - स्थिति को समझो (इफिसियों 2:6) - "हमें स्वर्गीय स्थानों में बैठाया"

घरेलू कलीसिया लड़ने से शुरू नहीं होती, बैठने से शुरू होती है। तुम जमीन पर प्रार्थना नहीं कर रहे, स्वर्ग में बैठकर घोषणा कर रहे हो।

घोषणा: हम पीड़ित नहीं, हम बैठे हुए हैं। मसीह के साथ।

सीढ़ी 2: चलना - चाल को बदलो (इफिसियों 4:1) - "जो बुलाहट तुम्हें मिली है उसके योग्य चाल चलो" बैठने के बाद चलना है। घर में कैसे चलते हो? गुस्से में? ईर्ष्या में? पौलुस कहता है - योग्य चाल चलो - नम्रता, दीनता, सहनशीलता में।

सुधार: स्वर्गीय स्थान का प्रमाण तुम्हारा घर का व्यवहार है।

सीढ़ी 3: खड़ा रहना (इफिसियों 6:11-13) - युद्ध जीतो "परमेश्वर के सारे हथियार बाँध लो कि तुम... खड़े रह सको"।

अंत में पौलुस कहता है - अब खड़े रहो। क्योंकि स्वर्गीय स्थानों पर प्रधानताएँ और अधिकारी हैं जो तुम्हारे घर को गिराना चाहते हैं।

आज के लिए: हर घरेलू कलीसिया का अंतिम लक्ष्य - खड़ा रहना। शैतान तुम्हें गिरा नहीं सकता, अगर तुम बैठना, चलना और खड़ा रहना सीख गए।

भाग 4: आज की भविष्यवाणी की प्रार्थना - पौलुस की तरह

पौलुस की तरह हाथ उठाकर इस घर के लिए प्रार्थना करें (इफिसियों 3:14-19 से): "हे पिता, मैं इस घर के लिये तेरे साम्हने घुटने टेकता हूँ, जिससे स्वर्ग और पृथ्वी पर हर एक घराने का नाम रखा जाता है। तू अपनी महिमा के धन के अनुसार इस घर के लोगों को आत्मा से सामर्थ्य दे। मसीह विश्वास के द्वारा इनके हृदयों में बसे, ताकि यह घर प्रेम में जड़ पकड़कर स्वर्गीय स्थानों की चौड़ाई, लम्बाई, गहराई और ऊँचाई को जान सके। आमीन।"

भाग 5: आज की घोषणा और कार्य

घोषणा - 3 बार: "मेरा घर अक्विला का घर है - काम और वचन का घर! मेरा घर फिलेमोन का घर है - क्षमा और मेल का घर! मेरा घर पौलुस का घर है - जो पृथ्वी पर है, पर स्वर्गीय स्थानों में बैठा है! हम बिखरे नहीं, हम जुड़े हुए हैं!"

कार्य: आज अपने घर में इफिसियों 1, 2, और 3 अध्याय को जोर से पढ़ें। यह पौलुस की घरेलू कलीसियाओं के लिए लिखी गई पहली प्रार्थना है। जब आप पढ़ेंगे, तो आपका घर पृथ्वी के घर से स्वर्गीय स्थान में बदल जाएगा।

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