इस घर में उद्धार आया है।

 पुराना नियम - मुख्य वचन: "परन्तु मैं और मेरा घराना यहोवा की सेवा करेंगे ।" (यहोशू 24:15) 

नया नियम - मुख्य वचन: "यीशु ने उससे कहा, आज इस घर में उद्धार आया है ।" (लूका 19:9)

आज का संदेश: परमेश्वर एक व्यक्ति को नहीं, पूरे घराने को बचाना चाहता है ।

पिछले 3 दिनों में हमने देखा - यीशु हमारे घर में ज्योति, शांति और चंगाई लेकर आया है । आज वह सबसे बड़ा तोहफा लेकर आ रहा है, उद्धार ।

लूका 19 में जक्कई का घर । जक्कई पापी था, लोग उससे नफरत करते थे । पर जब यीशु उसके घर में आया, तो यीशु ने नहीं कहा "इस व्यक्ति में उद्धार आया है" । उसने कहा "इस घर में उद्धार आया है ।"

आपके विश्वास के कारण आपका पूरा परिवार बचाया जाएगा ।

आज आपके लिए 3 वायदे:

1. परमेश्वर का वायदा आपके पूरे घर के लिए है ।

प्रेरितों के काम 16:31 - "प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास कर, तो तू और तेरा घराना उद्धार पाएगा ।" आपको अपने परिवार के हर सदस्य के लिए रोने की जरूरत नहीं । आपको सिर्फ यीशु पर विश्वास करना है, और आपका विश्वास आपके घर के लिए दरवाजा खोल देता है । एक दिया पूरे घर को रोशन करता है ।

2. उद्धार का अर्थ है - सब कुछ नया ।

जक्कई जब उद्धार पाया तो उसका पैसा, उसका काम, उसका मन सब बदल गया । उद्धार सिर्फ स्वर्ग जाने की टिकट नहीं है । उद्धार का अर्थ है - आज से यीशु इस घर का मालिक है । कर्ज, लड़ाई, नशा, श्राप - सब पर अब यीशु का अधिकार है ।

3. आपका घर दूसरों के उद्धार का स्थान बनेगा ।

जैसे जक्कई के घर में लोग आकर उद्धार को देख सके, वैसे ही आपका घर भी । जब आपके घर में प्रार्थना होगी, वचन होगा, प्रेम होगा, तो आपके पड़ोसी कहेंगे - "हमें भी उस यीशु के बारे में बताओ ।" यही घरेलू कलीसिया है ।

आज की प्रार्थना: हे प्रभु यीशु, धन्यवाद कि तू मेरे घर में उद्धार लेकर आया है । आज मैं अपने आप को और अपने पूरे परिवार को तेरे हाथों में देता/देती हूँ । मैं और मेरा घराना तेरी ही सेवा करेंगे । मेरे घर के हर सदस्य को आज बचा ले । यीशु के नाम में, आमीन ।

आज की घोषणा: आज अपने घर के दरवाजे पर खड़े होकर जोर से कहें - "आज इस घर में उद्धार आया है! मैं और मेरा घराना यहोवा की सेवा करेंगे!"

आज का काम: आज अपने परिवार के उन लोगों की एक लिस्ट बनाएं जो अभी यीशु से दूर हैं, और हर एक नाम के लिए 2 मिनट प्रार्थना करें । आज ही किसी एक को यीशु की गवाही दें ।

शालोम, 

Comments

Popular posts from this blog

श्राप को तोड़ना / Breaking Curses

चौथी वाणी "हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया"

मेरा घर सब जातियों के लिये प्रार्थना का घर कहलायेगा