दान पा लिया, अब आत्मा में चलो
मुख्य वचन: "यदि हम आत्मा के द्वारा जीवित हैं, तो आत्मा के अनुसार चलें भी।" - (गलातियों 5:25)
"जितने
परमेश्वर की आत्मा से चलाए जाते हैं, वे ही परमेश्वर के
पुत्र हैं।" - (रोमियों 8:14)
प्रेरितों
ने आत्मा पाने के बाद क्या किया? प्रेरितों के काम 2:42 में उनकी 4 आदतें लिखी हैं । आज से आपका घर उन्हीं 4 आदतों में
चलेगा।
आत्मा
में चलने की 4 रोज़ की आदतें:
1. वचन में बने
रहो - प्रेरितों के काम 2:42, लिखा है - "वे प्रेरितों की शिक्षा में लगे रहे।"
आत्मा
कभी वचन के बिना नहीं चलाता। पवित्र आत्मा आपको बाइबल से दूर नहीं, बाइबल के अंदर ले जाएगा। जो आत्मा वचन से नहीं चलाता, वह पवित्र आत्मा नहीं है।
आपके
घर के लिए: कल आपने अन्य भाषा पाई, आज से हर सुबह 15 मिनट वचन पढ़ें। आत्मा और वचन -
दोनों पैर से चलना है।
2. संगति में
बने रहो - प्रेरितों के काम 2:46, "वे प्रतिदिन एक मन होकर घर-घर में रोटी
तोड़ते थे ।" आत्मा आपको अकेला नहीं, घरेलू कलीसिया में जोड़ता है।
पवित्र
आत्मा का पहला फल है - आप अकेले नहीं रह सकते।
आपके
घर के लिए: आज से आपका घर सिर्फ प्रार्थना घर नहीं, रोटी तोड़ने वाला घर बने। हफ्ते में 2 बार किसी के
घर जाकर साथ खाएं और प्रार्थना करें।
3. प्रार्थना
में बने रहो - रोमियों 8:26, "आत्मा स्वयं ही ऐसी आहें भरकर हमारे लिये
निवेदन करता है।"
आत्मा
में चलने का मतलब है - अपनी प्रार्थना आत्मा को देना,
जब प्रार्थना के शब्द खत्म हो जाएं, तो आत्मा प्रार्थना
शुरू करता है।
आपके
घर के लिए: आज से आपकी प्रार्थना 10 मिनट से 30 मिनट की हो जाए । 15 मिनट समझ से, 15 मिनट आत्मा में ।
4.
गवाही में बने रहो -
प्रेरितों के काम 1:8, "तुम मेरे गवाह होगे।" आत्मा का अंतिम
प्रमाण अन्य भाषा नहीं, गवाही है। आत्मा मिला है तो आप चुप
नहीं रह सकते।
आपके
घर के लिए: आज एक व्यक्ति को यीशु के बारे में बताओ - यही
प्रमाण है कि आत्मा आप में जीवित है।
आज की
प्रार्थना: पिता, धन्यवाद कि
तूने कल मुझे दान दिया। आज से मैं सिर्फ दान में नहीं, चाल
में जियूंगा। मेरी आदतें बदल दे - वचन, संगति,
प्रार्थना और गवाही में मुझे चला। आमीन।
आज की
घोषणा: कहें - "मैंने आत्मा पाया है, अब मैं आत्मा में चलूँगा! मेरा घर वचन, संगति,
प्रार्थना और गवाही में चलेगा!"
आज का
कार्य:
1. आज सुबह 15 मिनट नया नियम पढ़ें - प्रेरितों 2 से शुरू करें।
2. आज किसी एक विश्वासी को खाने पर बुलाएं और साथ में रोटी तोड़ें।
3. आज एक अनजान व्यक्ति को यीशु की गवाही दें और उसके लिए प्रार्थना करें।
शालोम,
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