बंद किताब का दिन

आज तुम्हारी कहानी फिर से लिखी जाएगी

मुख्य वचन: "क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि जो कल्पनाएं मैं तुम्हारे विषय करता हूँ उन्हें मैं जानता हूँ, वे हानी की नहीं, वरन कुशल ही की हैं, और अन्त में तुम्हारी आशा पूरी करूंगा।" (यिर्मयाह 29:11)

प्रस्तावना: कल तक शुद्धिकरण था, आज पुनर्लेखन है, कल परमेश्वर ने घर को धोया, आज वह घर की किस्मत लिखेगा। कल तुमने अशुद्धता निकाली, आज परमेश्वर नई घोषणा लिखेगा।

12 का अर्थ है - शासन का पूरा होना। 12 महीने, 12 चेलें, 12 द्वार। आज तुम्हारे जीवन में अधूरी सरकार नहीं, पूरी सरकार आएगी।

भाग 1: बाइबल के 3 लोग जिनकी बंद किताब फिर से खुली

1. मोआब की रूत - विधवा की कहानी रानी बनी (रूत 4:13-17)

रूत की कहानी खत्म हो गई थी - पति मर गया, देश छूट गया, कुछ बचा नहीं। पर बोआज ने उसे खेत से उठाकर घर की मालकिन बना दिया। और उसी रूत से दाऊद का वंश चला।

आपके लिए: तुम्हारी विधवा कहानी आज बंद नहीं, शाही कहानी में बदल रही है।

2. मपिबोशेत - लंगड़ा राजकुमार जो मेज पर बैठा (2 शमूएल 9:7-13)

मपिबोशेत लोदबार में छुपा था - मैं मर गया, मैं बेकार हूँ। पर दाऊद ने कहा - तुझे मैं राजा की मेज पर बैठाऊंगा। जो अपने आप को कुत्ता कहता था, वह राजकुमार की तरह खाने लगा।

आपके लिए: तुम जहाँ छुपे हो, परमेश्वर तुम्हें ढूंढ कर मेज पर बैठाएगा।

3. यहेजकेल की सूखी हड्डियाँ - जो सेना बन गईं (यहेजकेल 37:1-10)

एक घाटी सूखी हड्डियों से भरी थी - कोई उम्मीद नहीं। पर परमेश्वर ने कहा - इन पर भविष्यवाणी कर। और हवा आई, मांस चढ़ा, और एक बड़ी सेना खड़ी हो गई।

आपके लिए: जहाँ तुम कहते हो - सब सूख गया, वहीं परमेश्वर सेना खड़ी करेगा।

भाग 2: आज तुम्हारे घर के लिए खुली किताब

आज स्वर्ग में तुम्हारे नाम की किताब पर 3 मुहरें टूटेंगी:

1. दोष की मुहर - "तूने गलत किया" - आज टूटेगी। अब कृपा लिखी जाएगी।

2. देरी की मुहर - "अभी समय नहीं" - आज टूटेगी। अब "आज का दिन" लिखा जाएगा।

3. दरिद्रता की मुहर - "तेरे पास नहीं है" - आज टूटेगी। अब "तेरे पास बहुत है" लिखा जाएगा।

आज यिर्मयाह 29:11 तुम्हारे घर के लिए जीवित है - परमेश्वर की कल्पनाएं तुम्हारे लिए हानि की नहीं, कुशल की हैं। तुम्हारा अन्त आशा से भरा होगा। "देखो, मैं सब कुछ नया कर देता हूँ।" (प्रकाशितवाक्य 21:5)

भाग 3: आज की प्रार्थना - परिवार के साथ

सब एक साथ हाथ पकड़ कर कहें: "हे नई कहानी लिखने वाले पिता, कल तक मेरी कहानी लोगों ने लिखी, आज तू लिख। तेरी वाणी कहती है - तेरी कल्पनाएं मेरे लिए कुशल की हैं, हानि की नहीं। मेरे अतीत पर क्रूस का निशान लगा और मेरे भविष्य पर अपना नाम लिख दे। अन्त में मेरी आशा पूरी कर। यीशु के नाम में, आमीन।"

भाग 4: आज की घोषणा

अपने माथे पर हाथ रखकर 3 बार जोर से कहें: "परमेश्वर की कल्पनाएं मेरे लिए कुशल की हैं! मेरा अन्त आशा से भरा है! मेरी बंद किताब आज खुल गई है! मेरा घर भुलाया हुआ नहीं, याद किया हुआ घर कहलाएगा!"

भाग 5: आज का कार्य - परिवार के लिए प्रार्थना

आज परिवार में एक नया काम करें - एक सफेद कागज लें, उस पर परिवार के हर सदस्य का नाम लिखें और उसके सामने परमेश्वर की एक कुशल की कल्पना लिखें (जैसे - आशीष, नौकरी, स्वास्थ्य)। फिर उस कागज पर तेल लगाकर प्रार्थना करें: "प्रभु, जैसे तूने कहा है कि तेरी कल्पनाएं हमारे लिए कुशल की हैं, वैसे ही इस कागज की हर बात को तू पृथ्वी पर पूरा कर और अन्त में हमारी आशा पूरी कर। यह कागज गवाही बने। यीशु के नाम में, आमीन।"

शालोम,

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