स्वतन्त्र जीवन के लिये परमेश्वर की सामर्थ
स्वतन्त्र जीवन के लिये परमेश्वर की सामर्थ भूमिका प्रभु में प्रिय सुसमाचार प्रचार सेवक गण, मैं प्रभु यीशु मसीह को धन्यवाद देता हूँ कि मुझे एक अति पुराना मसीही लेख मिला। यह लेख विशेषकर नये मसीही विश्वासियों के लिए लिखा गया है। नये मसीही विश्वासियों को किस तरह बाइबल की शिक्षा देना है, ताकि उनका मसीह यीशु पर विश्वास लाना व्यर्थ नहीं है। यीशु मसीह को ठीक ठीक जानने के लिये बाइबल पढ़ना कहां से आरंभ करें? मसीही बपतिस्मा क्या है? उसका आत्मिक भेद क्या है? बाइबल पढ़ना और निरन्तर प्रार्थना करना क्यों आवश्यक है? कलीसिया (चर्च/मंडली) का चुनाव और उसका आत्मिक भेद इत्यादि आत्मिक शिक्षांए सात मुख्य पाठो में बांटा गया है। अफसोस इस बात का है कि इस लेख का नाम और लिखने वाले लेखक का नाम नहीं बता सकेंगे। क्योंकि लेख का मुख्य पृष्ट पुरी तरह नष्ट हो चुका है। लेख के पन्ने ऐसे कमजोर हो गए है, कि यदि उन्हें सावधानी पूर्वक उपयोग में न लाया गया तो वे भी नष्ट हो जांएगे मेरा आप सभों से अनुरोध है कि यह हाथों से लिखा लेख प्रार्थना के साथ पढ़े, जिससे कि नये नये आत्कि भेद खोले जांए। प्रथम संस्करण जुन...