घर की वेदी फिर से बनाओ

मुख्य वचन: "एलिय्याह ने सब लोगों से कहा, मेरे निकट आओ... और उसने यहोवा की वेदी की मरम्मत की जो गिराई गई थी ।" (1 राजा 18:30) "तुम भी जीवित पत्थरों के समान आत्मिक घर बनते जाते हो ।" (1 पतरस 2:5)

आज का संदेश: जब घर की वेदी गिर जाती है, तो घर की आशीष रुक जाती है ।

1 राजा 18 में इस्राएल में 3 साल से बारिश नहीं हुई थी । कारण था - यहोवा की वेदी गिरी हुई थी और बाल की वेदी खड़ी थी । एलिय्याह ने सबसे पहले क्या किया? उसने आग के लिए प्रार्थना नहीं की, उसने वेदी की मरम्मत की । आज बहुत से घरों में यही समस्या है । घर में टीवी की वेदी है, मोबाइल की वेदी है, लड़ाई की वेदी है, पर प्रार्थना की वेदी गिरी हुई है । और जब तक वेदी नहीं बनेगी, स्वर्ग से आग नहीं गिरेगी । घरेलू कलीसिया का पहला काम बिल्डिंग बनाना नहीं, वेदी बनाना है । 

गिरी हुई वेदी को कैसे फिर से बनाएं?

1. पत्थरों को इकट्ठा करो - बिखरे हुए दिलों को जोड़ो

एलिय्याह ने 12 पत्थर लिए - 12 गोत्रों के लिए । टूटे हुए परिवार को फिर से जोड़ो । घर की वेदी तब तक नहीं बनेगी जब तक पति-पत्नी, माँ-बाप और बच्चों के बीच क्षमा नहीं होगी । आज ही एक-दूसरे से कहो - मुझे क्षमा कर दो । एकता के बिना वेदी नहीं बनती । भजन 133 कहता है जहाँ भाइयों में मेल होता है, वहीं यहोवा आशीष की आज्ञा देता है ।

2. लकड़ी और बलिदान रखो - अपना समय और अहंकार चढ़ाओ ।

वेदी पर लकड़ी और बलिदान रखना पड़ता है । आज परमेश्वर तुमसे पैसा नहीं, तुम्हारा समय माँग रहा है । रोज़ 20 मिनट - बिना मोबाइल, बिना टीवी, सिर्फ परिवार के साथ प्रार्थना । यह तुम्हारा बलिदान है । अपना घमंड, अपना "मैं सही हूँ" - यह सब वेदी पर रखो । परमेश्वर टूटे मन को कभी तुच्छ नहीं जानता ।

3. पानी उंडेलो - आँसुओं से वेदी को पवित्र करो ।

एलिय्याह ने वेदी पर 3 बार पानी उंडेला । वह दिखावा नहीं था, वह समर्पण था । आज तुम्हारी आँखों के आँसू उस पानी के समान हैं । अपने घर के लिए, अपने बच्चों के लिए, अपने शहर के लिए रोओ । जो आँसुओं के साथ बोते हैं, वे जयजयकार के साथ लवते हैं । जब घर की वेदी आँसुओं से गीली होती है, तो स्वर्ग की आग गिरती है । और फिर क्या हुआ? आग गिरी, बारिश आई, और पूरे देश का अकाल खत्म हो गया । एक घर की वेदी ने पूरे राष्ट्र को बचा लिया ।

आज की प्रार्थना: पिता, हम मानते हैं कि हमारे घर की वेदी गिर गई है । आज हम अपने परिवार के बिखरे हुए दिलों को फिर से जोड़ते हैं । आज हम अपना समय, अपना अहंकार तेरी वेदी पर रखते हैं ।

आज हम अपने आँसुओं से इस वेदी को पवित्र करते हैं । हमारे घर पर अपनी आग भेज, और हमारे घर से इस शहर में बारिश भेज । यीशु के नाम में, आमीन ।

आज की घोषणा: अपने घर के बीच में तेल लगाकर या हाथ उठाकर कहें - "आज से मेरे घर में यहोवा की वेदी फिर से खड़ी हो गई है! इस घर में फिर से आग गिरेगी!"

आज का काम: आज अपने परिवार के सभी सदस्यों को एक जगह बैठाएं । एक-दूसरे का हाथ पकड़ें और एक-एक करके सभी के लिए प्रार्थना करें । यही आपकी वेदी की मरम्मत की शुरुआत होगी ।

शालोम, 

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