प्रकाश अंधकार में चमकता है।

 पुराना नियम - मुख्य वचन: "यहोवा मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है, मैं किससे डरूं? यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ है, मैं किससे भयभीत होऊं?" (भजन संहिता 27:1) 

नया नियम - मुख्य वचन: "और ज्योति अंधकार में चमकती है, और अंधकार ने उसे ग्रहण नहीं किया ।" (यूहन्ना 1:5)

आज का संदेश: कल हमने देखा कि यीशु घर में आना चाहता है ।

आज वह कहता है: "मैं तुम्हारे अंधकार में ज्योति बनना चाहता हूं ।" भजनकार कहता है परमेश्वर मेरी ज्योति है । और यूहन्ना बताता है कि वह ज्योति यीशु मसीह है । जहां यीशु जाता है, अंधकार भाग जाता है ।

3 बातें जो आज आपके लिए हैं:

1. डर की जगह भरोसा : दुनिया में बहुत आवाजें हैं जो डराती हैं । पर यीशु कहता है: "मैं जगत की ज्योति हूं । जो मेरे पीछे आएगा, वह अंधकार में न चलेगा ।" (यूहन्ना 8:12)

जब यीशु आपके घर में है, तो आपको चिंता से डरने की जरूरत नहीं ।

2. छोटी शुरुआत, बड़ी गवाही  : पतरस के घर से शुरुआत हुई और "सारा नगर" इकट्ठा हो गया । (मरकुस 1:33) परमेश्वर आपके घर की छोटी प्रार्थना से भी बड़े काम करेगा । बस दरवाजा खोलिए ।

3. आप ज्योति के दूत हैं: यीशु ने कहा "तुम जगत की ज्योति हो" । (मत्ती 5:14) आज कोई न कोई आपके शब्द, आपकी मुस्कान, आपकी मदद से आशा पाएगा । रुकिए मत । सेवा करते रहिए ।

आज की प्रार्थना: हे प्रभु यीशु, तू जगत की ज्योति है । 

आज मेरे जीवन और मेरे घर का हर अंधकार दूर कर । तू मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है । मेरे परिवार को शांति दे, मेरे काम को आशीष दे, और मुझे ऐसा बना कि मेरे द्वारा तेरी ज्योति दूसरों तक पहुंचे । मुझे हिम्मत दे कि मैं डरूं नहीं, क्योंकि तू मेरे साथ है । यीशु के नाम में मांगता/मांगती हूं । आमीन।

आज का काम: आज किसी 1 व्यक्ति को मैसेज करके कहें "यीशु आपसे प्रेम करता है"। यही घरेलू कलीसिया की शुरुआत है।

शालोम, 

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