झोपड़ियों का पर्व (Feast of Tabernacles / Sukkot)।

झोपड़ियों का पर्व - परमेश्वर हमारे घर में वास करता है।
मुख्य वचन: "वचन देहधारी हुआ, और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण होकर हमारे बीच में डेरा किया।" - यूहन्ना 1:14
 "तुम सात दिन तक झोपड़ियों में रहना।" - लैव्यव्यवस्था 23:42

प्रिय घरेलू कलीसिया परिवार,
यह सिर्फ यहूदियों का पर्व नहीं है, यह हर घरेलू कलीसिया के लिए परमेश्वर का संदेश है।

1. झोपड़ियों का पर्व क्या है?
जब इस्राएल मिस्र से निकला, तो परमेश्वर ने उन्हें 40 साल तक जंगल में झोपड़ियों में रखा। परमेश्वर ने कहा - "ताकि तुम्हारी पीढ़ियां जान लें कि मैंने इस्राएलियों को झोपड़ियों में बसाया था।" (लैव्य. 23:43)
7 दिन तक वे अपने पक्के घरों को छोड़ कर, लकड़ी, पत्तों की बनी अस्थायी झोपड़ी में रहते हैं। यह उन्हें याद दिलाता है कि हमारा जीवन इस पृथ्वी पर अस्थायी है और परमेश्वर ही हमारा असली घर है।

2. यीशु ही हमारी झोपड़ी बन गया
यूहन्ना 1:14 में शब्द है - "उसने तम्बू लगाया, उसने झोपड़ी बनाई।" परमेश्वर ने स्वर्ग का महल छोड़ कर, हमारे बीच में झोपड़ी बना ली। वह राजा होकर भी झोपड़ी में रहा, ताकि हम जो झोपड़ी में हैं, उसके महल में जा सकें।

3. घरेलू कलीसिया ही आज की झोपड़ी है।
आज परमेश्वर का मंदिर कोई बड़ी इमारत नहीं है। हर घरेलू कलीसिया एक झोपड़ी है - जहाँ परमेश्वर की उपस्थिति वास करती है।
इस पर्व में 3 चीजें होती थीं जो हमारी घरेलू कलीसिया में होनी चाहिए:

अ) आनंद का पर्व - व्यवस्थाविवरण 16:14 इसे "हमारे आनंद का मौसम" कहा जाता है।
तुम्हारे घर के लिए: क्या तुम्हारी घरेलू कलीसिया में मसीह का आनंद है?

ब) पानी उंडेलने का उत्सव उसी पर्व पर यीशु ने कहा - "यदि कोई प्यासा हो तो मेरे पास आए और पीए।" (यूहन्ना 7:37-38)
तुम्हारे घर के लिए: तुम्हारी घरेलू कलीसिया पवित्र आत्मा के पानी से भरने की जगह होनी चाहिए।

स) ज्योति का उत्सव मंदिर में बड़े-बड़े दीपक जलते थे। यीशु ने कहा - "जगत की ज्योति मैं हूँ।" (यूहन्ना 8:12)
तुम्हारे घर के लिए: हर घरेलू कलीसिया अपने मोहल्ले की ज्योति है।

4. तुम्हारे घर के लिए 3 काम
1. अपने घर को झोपड़ी समझो, महल नहीं (1 पतरस 2:11)
2. अपने घर में उसकी उपस्थिति को बुलाओ (लैव्य. 23:40)
3. किसी और को अपनी झोपड़ी में बुलाओ (यशायाह 58:7)

आज की प्रार्थना: "हे पिता, तूने महल छोड़ कर हमारे लिए झोपड़ी में वास किया। आज हमारे हर घर को अपनी उपस्थिति का घर बना - जहाँ आनंद हो, जहाँ आत्मा का पानी हो, जहाँ ज्योति हो। हमारे घरों में वास कर। यीशु के नाम में, आमीन।"

आज की घोषणा: "मेरा घर परमेश्वर की झोपड़ी है! परमेश्वर मेरे घर में वास करता है! मेरा घर आनंद का घर है! मेरा घर मोहल्ले की ज्योति है!"

आज का कार्य: आज शाम परिवार के साथ यूहन्ना 7 और 8 पढ़ो जहाँ यीशु ने झोपड़ियों के पर्व पर प्रचार किया।

शालोम, - पी. आर. झरबड़े

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