महान आदेश, “पवित्र आत्मा को शोकित न करें” पूर्ति हेतु अन्य सहायक बने,

महान आदेश, “इसलिये तुम जाकर सब जातियों को शिष्य बनाओ, उन्हें पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो, और उन्हें वह सब कुछ सिखाओ जो मैंने तुम्हें आज्ञा दी है।” - मत्ती 28:19-20

महान आदेश के अलावा, और क्या करें ?

सहायक बने, (पवित्र आत्मा को अपने अन्दर कार्य करने दें, “पवित्र आत्मा को शोकित न करें” ) 

परमेश्‍वर के पवित्र आत्मा को शोकित मत करो, जिस से तुम पर छुटकारे के दिन के लिये छाप दी गई है। (इफिसियों 4:30)

  • इसका अर्थ - ऐसा जीवन जिएँ जो परमेश्वर को प्रसन्न करे 
  • ना कि ऐसा व्यवहार करें जिससे पवित्र आत्मा दुखी हो।

कौन-सी बातें पवित्र आत्मा को शोकित करती हैं?

  • पाप में बने रहना
  • झूठ, क्रोध, कड़वाहट
  • क्षमा न करना
  • घमंड और अवज्ञा
  • परमेश्वर की आवाज़ को अनदेखा करना

कौन-सा जीवन पवित्र आत्मा को प्रसन्न करता है?

  • पवित्रता में चलना
  • प्रेम और क्षमा
  • नम्रता और आज्ञाकारिता
  • प्रार्थना और वचन में बने रहना
  • आत्मा के फल प्रकट करना (गलातियों 5:22–23)
अब हम क्या करें ?

प्रेरितों की आर्थिक सहायता करें (प्रेरितों के काम 4:34-35)

→ चंगाई के लिए प्रार्थना कीजिए (याकूब 5:14-15)

→ नए विश्वासियों को प्रशिक्षित करें (मत्ती 28:20)

→ आश्रय के लिए अपने घरों को खोले (इब्रानियों 13:2)

→ पहुनाई करें (रोमियों 12:13)

→ संसाधन दे (2 कुरिन्थियों 8:1-5)

→ बीमारों की सुधी लें (मत्ती 25:36)

→ असहाय विश्वासियों की मदद करें (प्रेरितों के काम 2:45)

→ सताए गए लोगों का साथ खड़े हों (इब्रानियों 13:3)

→ नए चेलों को प्रोहित्साहन दें (1 थिस्सलोनिकियों 5:14)

→ उन्हें आर्थिक समृद्ध बनने में मदद कीजिए (लूका 19:8)

→ स्वरोजगार हेतु अवसर दें (प्रेरितों के काम 16:14-15)

→ कलीसिया में व्यवसाई चेले बनाइए (1 थिस्सलोनिकियों 1:6-7)

प्रभु के सन्मुख; स्वीकार / अंगीकार कीजिये  

"परन्तु जो कोई तुम में बड़ा होना चाहे, वह तुम्हारा सेवक बने। और जो तुम में प्रधान होना चाहे वह तुम्हारा दास बने। जैसे कि मनुष्य का पुत्र, वह इसलिये नहीं आया कि उस की सेवा टहल करी जाए, परन्तु इसलिये आया कि आप सेवा टहल करे और बहुतों की छुडौती के लिये अपने प्राण दे॥ - मत्ती 20:26-28 

मैं महान आदेश का पालन करने में सहायक हूँ और अन्य बातें जो करना चाहिए था, किन्तु उनसे अनजान था अब जान गया हूँ। मैं यह कार्य प्रभु यीशु के नाम से आज ही से लागु करता हूँ। आमीन!

प्रार्थना कीजिये 

प्रिय पिता, मैं तुम्हारा धन्यवाद करता हूँ कि तुमने मुझे महान आदेश दिया है। मुझे इसका पालन करने में मदद करो और परमेश्वर की महिमा के लिए जीने में मदद करो - यीशु के नाम में। आमीन।

सुप्रभात; आपका दिन शक्तिशाली और प्रभावशाली हो, 

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