श्राप को तोड़ना / Breaking Curses
श्राप को तोड़ना Breaking Curses मूसा के दस नियम हमें स्पष्ट सिखलाते हैं कि हमारा परमेश्वर जलन रखने वाला परमेश्वर है और वह किसी दूसरे ईश्वर की उपासना को सहन नहीं करता। कोई भी जो इस पाप को करता है वह तीन से चार पीढ़ियों तक श्रापित हो जाता है। यह न्यायसंगत नहीं दिखई देता, परन्तु फिर भी सत्य है। राजा दाऊद ने व्यभिचार और हत्या किया और यह चरित्र उसके परिवार में कई पीढ़ियों तक चलता रहा। (निर्गमन 20ः 3-5) व्यवस्थाविवरण 27 और 28 अध्यायों में आशीषें और श्राप दिये गये है। अध्याय 28 में केवल 13 आयतें आशीषों के बारे में बोलती हैं, जबकि 52 आयतें श्रापों के बारे में हैं। यद्धपि बाइबल में श्राप शब्द विभिन्न प्रकार से 230 बार आया है कदाचित आप एक मसीही के नाते सोचते होंगे कि आप इन श्रापों से स्वतंत्र हैं। यह एक गलत सोच है। जब तक कि आप अंगीकार करके अपने सभी पापों को दूर नहीं करते, साथ ही अपने पीढ़ियों के श्रापों को तोड़ नहीं देते तब तक आप पूरी तरह स्वतंत्र नहीं हो पाते। धर्मशास्त्र पश्चात्ताप की महत्वता पर जोर देता है। यूहन्ना बपतिस्मा देने वाला, (मत्ती 3ः 2) प्रभु यीशु मसीह (...

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